देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक और पंजाब नेशनल बैंक ने 1,063 करोड़ रुपए के NPA बेचने का फैसला किया है। दोनों बैंकों ने कहा है कि वे इस महीने की 20 तारीख को ई-ऑक्शन कराएंगे। तो वहीं 13,000 करोड़ रुपए से ज्यादा रकम के पीएनबी स्कैम की जांच रिर्पोट का इंतजार कर रहे केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) के सीवीओ ने कहा कि बैंक के स्टैट्यूटरी ऑडिटर्स से आयोग के सामने पेश होने और फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन से जुड़े डिटेल्स देने के लिए कहा गया है।
आयोग ने प्रिवेंटिव विजिलेंस मैकेनिज्म को मजबूत बनाने की जरुरत पर जोर देते हुए कहा है कि प्रक्रिया का नियमित पालन नहीं हुआ, लेकिन रिर्पोट्स की सत्यता को पूरी तरह से जांचा जरुर गया। एसबीआई में कुल 848.54 करोड़ रुपए बकाया वाले 12 बैड लोन बेच रहा है। एसबीआई ने कहा है कि वह ये लोन एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियों, बैंकों, NBFC, फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन को बेचेगा। इन अकाउंट में सूरत के गार्डन सिल्क मिल्स पर सबसे ज्यादा 225.06 करोड़ रुपए का बकाया है। कोरबा वेस्ट पावर कंपनी पर 124.74 करोड़, मॉर्डन स्टील्स पर 122.61 करोड़ रुपए और एसएनएस स्टॉर्च पर 66.87 करोड़ बकाया है। आपको बता दें कि सभी पब्लिक सेक्टर बैंकों पर 31 दिसंबर 2017 को 7.33 लाख करोड़ से ज्यादा का ग्रास बैड लोन था। इसमें 2.01 लाख करोड़ के बैड लोन के साथ एसबीआई सबसे उपर है। इसके बाद पंजाब नेशनल बैंक का 55,200 करोड़, ICDBI बैंक का 44,542 करोड़ और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का 38,047 करोड़ का बकाया है।More Articles