ई-वे बिल की लोकप्रियता को देखते हुए सरकार ने इसके लिए समयसीमा बढ़ाने की सुविधा शुरु कर दी है। जिसके अंतर्गत ट्रांसपोर्ट को पहले से जेनरेट ई-वे बिल का टाइम पीरियड बढ़ाया जा सकेगा। ऐसा तब मुमकिन है जब किसी वजह से तय समयानुसार समय पर चीजें नहीं पहुंचा पाएंगे। इस तरह से ई-वे बिल की प्रक्रिया को और आसान बनाया जा सकेगा। अब ट्रांसपोटर्स को ई-वे बिल के समयसमीया को ऑनलाइन बढ़ा सकते हैं। अगर दूरी के अनुसार दिए गए टाइम पीरियड में ट्रांसपोटर्स किसी भी कारण से समय पर स्टॉक नहीं पहुंचा पाते हैं तो वह अपने दिनों की समयसीमा को आगे बढ़ा सकते हैं।
एक ही बार होगी चेकिंग ई-वे बिल को लेकर सत्यता
आपको बता दें कि पहले ट्रांसपोटर्स की गाड़ी हर एक राज्य के चुंगी पर चेकिंग के लिए खड़ी होती थी जिसमें कई बार 2 से 3 दिन का समय लग जाता था वो अब नहीं होगा। किसी भी ट्रक या व्हीकल की एक बार चेकिंग होने के बाद दोबारा चेकिंग नहीं होगी। यानि कि व्हीकल का एक राज्य से दूसरे राज्य में स्वतंत्र आवागमन होगा। अगर सरकार या टैक्स अधिकारी को किसी व्हीकल को लेकर जानकारी मिलती है तो उसकी चेकिंग दोबारा की जा सकती है।More Articles