केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने यह स्पष्ट किया है कि किसी करदाता को अपने पूर्व नियोक्ता (पिछली कंपनी/संस्था) से जो पेंशन प्राप्त होती है वह 'वेतन' मद में कर योग्य है।
वित्त अधिनियम, 2018 के तहत आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 16 में संशोधन कर यह प्रावधान किया गया है कि 'वेतन' मद में कर प्रभार योग्य आमदनी प्राप्त करने वाले करदाता को अपनी कर योग्य आय की गणना के लिए 40,000 रुपए अथवा वेतन राशि, इसमें से जो भी कम हो, की कटौती करने की अनुमति होगी।
जिसके अनुसार, ऐसा कोई भी करदाता जिसे अपने पूर्व नियोक्ता से पेंशन प्राप्त होती हो वह अधिनियम की धारा 16 के तहत 40,000 रुपए या पेंशन राशि, इसमें से जो भी कम हो, की कटौती का दावा करने का हकदार होगा।
इससे पहले, ऐसे कई ज्ञापन प्राप्त हुए थे जिसमें इस स्पष्टीकरण की मांग की गई थी क्या ऐसा कोई भी करदाता जो अपने पूर्व नियोक्ता से पेंशन प्राप्त करता है वह भी इस कटौती का दावा करने के योग्य होगा।
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