केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के क्रियान्‍वयन के लिए राज्‍यों को अपनी बीमा कंपनियों के गठन की अनुमति दे दी है। इस बात की जानकारी कृषि मंत्रालय के अधिकारियों द्वारा प्रदान की गई है। राज्‍यों द्वारा इस बारे में कई बार आग्रह किया गया है। इसके अलावा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की 2017 की रिर्पोट में भी कहा गया है कि पुरानी फसल बीमा योजनाओं, जिन्‍हें अब PMFBY में मिला दिया गया है का 2011-16 के दौरान क्रियान्‍वयन काफी खराब रहा है।

Advertisement

इस बारे में अधिकारियों ने यह जानकारी दी है कि हमने राज्‍यों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्रियान्‍वयन के लिए खुद की बीमा कंपनियों के गठन की अनुमति दे दी है। इसके लिए उन्‍हें बोली प्रक्रिया में हिस्‍सा लेना होगा। सभी सार्वजनिक क्षेत्र की 5 और निजी क्षेत्र की 13 बीमा कंपनियां इस योजना का क्रियान्‍वयन करने को अधिकृत हैं। इस योजना को क्रिन्‍वयन करने वाली सरकारी बीमा कंपनियों में एग्रीकल्‍चर इंश्‍योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया (AIC), यूनाईटेड इंडिया इंश्‍योरेंस कंपनी (UICC) नेशनल इंश्‍योरेंस कंपनी (NIC) ओरियंटल इंश्‍योरेंस कंपनी एवं न्‍यू इंडिया इंश्‍योरेंस कंपनी, ओरियंटल इंश्‍योरेंस कंपनी (OIC) एवं न्‍यू इंडिया इंश्‍योरेंस कंपनी (NIAC) शामिल हैं।

Advertisement

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को अप्रैल 2016 में शुरु किया गया था। इस योजना के तहत बुआई से पहले से लेकर फसल कटाई तक का बीमा उपलब्‍ध कराया जाता है। ऐसे प्राकृतिक जोखिम जिससे बचा नहीं जा सकता, उनके लिए यह बीमा मिलता है। खरीफ फसल के लिए इस योजना में प्रीमियम की दर 2 प्रतिशत है, जबकि रबी फसल के लिए डेढ़ प्रतिशत। बागवानी और वाणिज्यिक फसलों के लिए प्रीमियम की दर 5 प्रतिशत है।