अमेरिका में जॉब करने का सपना देखने वालों के लिए एक खुशखबरी है। आज से उनके लिए H1-B वीजा के आवेदन की प्रक्रिया शुरु हो गई है। इस वर्किंग वीजा को लेकर भारत के आईटी प्रोफेशनल्‍स में काफी ज्‍यादा क्रेज देखा गया है। अमेरिकी नागरिकता और USCIAS विभाग ने साफतौर पर संकेत दे दिए हैं कि आवेदन में छोटी सी गलती माफ नहीं की जाएगी। ऐसा कहा जा रहा है कि कड़ी पक्रिया की वजह से इस बार आवेदन खारिज होने की दर में भारी वृद्धि दिखेगी।

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अमेरिका में 1 अक्‍टूबर से शुरु होने वाले नए वित्‍त वर्ष 2019 के लिए यह आवेदन प्रक्रिया शुरु की गई है।

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बता दें कि H1-B वीजा एक गैर-प्रवासी वीजा है, जो विदेशी कर्मचारियों को अमेरिका में काम करने की इजाजत देता है। आईटी कंपनियां इस वीजा पर बहुत अधिक निर्भर हैं। हर साल भारत और चीन जैसे देशों में हजारों कर्मचारियों को इस वीजा के जरिए नौकरियां मिलती हैं।

एच-1बी वीजा के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरु होने से पहले अमेरिकी सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन एंड सर्विसेज ने चेतावनी जारी करके कहा था कि सभी डुप्‍लीकेट आवेदनों को निरस्‍त किया जाएगा। साथ ही वीजा आवेदन के प्रीमियम प्रसंस्‍करण पर भी अस्‍थायी रोक लगाई गई है।

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USCIAS ने आवेदन करने वाले लोगों को यह सलाह दी है कि फॉर्म के सभी खंडों को सही ढ़ंग से पूरा करें। इसी के साथ आवेदनकर्ता को लाभार्थियों के पासपोर्ट की एक कॉपी भी जमा करनी होगी।

जिन आवेदकों के आवेदन सही होंगे वे 1 अक्‍टूबर 2018 से अमेरिका में नौकरी कर पाएंगे। एच-1बी वीजा के जरिए कर्मचारी कम से कम 3 साल के लिए अमेरिका में नौकरी कर सकते हैं।