पेट्रोलियम पदार्थों के प्रति दिन बढ़ते दाम से अब सरकार भी चिंतित दिख रही है। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पेट्रो पदार्थों की मूल्य वृद्धि पर चिंता जताते हुए एक बार फिर इसे जीएसटी के अंतरगत लाने की मांग दोहराई है।
आपको बता दें कि दिल्ली में पेट्रो पदार्थों की कीमतें चार साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। डीजल के दाम दिल्ली में इस समय सर्वकालिक ऊंचाई पर पहुंच गए हैं। अब पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपील करते हुए कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी के दायरे में लाया जाए, ताकि लोगों को कुछ राहत मिल सके।
दिल्ली में एक कार्यक्रम में बोलते हुए पेट्रोलियम मंत्री प्रधान ने कहा कि, पिछले साल 2017 में केंद्र सरकार ने कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए उत्पाद शुल्क में कटौती की थी और कुछ राज्यों ने भी इसका अनुसरण करते हुए स्थानीय करों में कटौती की थी।
प्रधान ने कहा कि कीमतों में डायनमिक आधार पर रोज बदलाव हो रहा है। उन्होंने कहा, "ईंधन की कीमतों को लेकर हमारे पास छुपाने को कुछ नहीं है, पेट्रोल, डीजल अंतरराष्ट्रीय उत्पाद है और जैसे ही इनकी कीमतें बढ़ती या घटती है हम ग्राहकों के लिए उसी हिसाब से कीमतों को बढ़ा-घटा देते हैं।
उन्होंने कहा, "भारत एक उपभोक्ता संवेदनशील देश है और सरकार ने पिछले साल उत्पाद शुल्क में कटौती की थी, कुछ राज्यों ने भी ईंधन पर वैट में कटौती की थी, इसलिए राज्यों को एक बार फिर से कटौती करना चाहिए। मंत्री ने कहा कि राज्य नहीं चाहते हैं कि पेट्रोलियम पदार्थो को नए अप्रत्यक्ष कर प्रणाली के तहत लाया जाए।
उन्होंने कहा, "मैं एक बार फिर से जीएसटी परिषद से पेट्रोलियम को जीएसटी के तहत लाने की अपील करता हूं, ताकि ग्राहकों को फायदा हो।" दिल्ली में सोमवार को पेट्रोल की कीमत 73.83 रुपये प्रति लीटर तथा डीजल की कीमत 64.69 रुपये प्रति लीटर थी, जबकि नोएडा और गाजियाबाद में 75 रुपये।
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