वाहन कंपनियां जल्द ही नंबर प्लेट लगी कारें लाएंगी। वाहनों की कीमत में नंबर प्लेट की लागत भी शामिल होगी। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने यह जानकारी दी। वाहनों की नंबर प्लेट इस समय विभिन्न राज्यों द्वारा अलग- अलग निर्धारित एजेंसियों से खरीदी जाती हैं। यह लाइसेंस प्लेट, जिसे आम भाषा में नंबर प्लेट कहा जाता है, वाहन का पंजीकरण नंबर लिखकर वाहनमें लगाई जाती है।
गडकरी ने समाचार माध्यमों से बात करते हुए कहा कि, हमने महत्वपूर्ण फैसला लिया है, अब वाहन निर्माता प्लेट लगाकर देंगे और उन पर अक्षर उभारने का काम बाद में मशीन के जरिये किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्लेट की लागत कार की कीमत में ही शामिल होगी और इससे उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिलेगी।
मंत्री ने कहा कि नई प्रौद्योगिकी वाली नंबर प्लेट का मकसद न केवल उपभोक्ताओं को राहत देना है, बल्कि इससे विभिन्न राज्यों में यह एक समान हो सकेंगी। उन्होंने बताया कि राज्यों द्वारा जो नंबर प्लेट खरीदी जाती हैं उनकी कीमत800 से40,000 रुपये तक होती है।
अभी नंबर प्लेट या लाइसेंस प्लेट संबंधित राज्यों के जिला स्तरीय क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय द्वारा जारी की जाती हैं। गडकरी ने कहा कि जहां तक वाहनों की सुरक्षा का सवाल है, इससे किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। वाहन सस्ता हो या महंगा नियम सभी के लिए समान होंगे। उन्होंने कहा कि हम सुरक्षा से समझौता नहीं करेंगे। सस्ते वाहनों के लिए जो सुरक्षा नियम होंगे वे लक्जरी और एसयूवी वाहनों के लिए भी होंगे।
सरकार ने हाल में सभी वाहन विनिर्माताओं के लिए जुलाई, 2019 से ड्राइवरों के लिए एयर बैग्स और सीट बेल्ट रिमाइंडर को अनिवार्य कर दिया है। इसके अलावा80 किलोमीटर से अधिक की रफ्तार के लिए स्पीडिंग अलर्ट प्रणाली तथा रिवर्स पार्किंग के लिए सेंसर भी अनिवार्य किया गया है। गडकरी ने कहा कि प्रदूषण के मोर्चे पर भी किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। न ही इस बारे में उठाए गए कदमों को लेकर कोताहीबरती जाएगी।
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