1 अप्रैल से हुए वित्तीय बदलावों में जीएसटी को लेकर भी एक बड़ा बदलाव हुआ है। 1 अप्रैल से जीएसटी की ई-वे बिल प्रणाली पूरे देश में लागू कर दी गई है। आपको बता दें कि ई-वे बिल प्रणाली को 50,000 रुपए से अधिक के सामान को सड़क, रेल, वायु या जलमार्ग से एक राज्य से दूसरे राज्य में ले जाने पर लागू किया गया है।
11 लाख पंजीकरण
वित्त सचिव हसमुख अधिया ने घोषणा की कि अगले दो हफ्तों में इसे राज्यों के भीतर भी माल की ढुलाई के लिए लागू कर दिया जाएगा। जीएसटी नेटवर्क के अधिकारियों के मुताबिक करीब 11 लाख व्यवसायों और ट्रांस्पोर्टरों ने ई-वे बिल प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण कराया है।
ध्यान रखें
वित्त मंत्रालय ने शनिवार को स्पष्ट किया कि यह उन मामलों में भी लागू होगा जहां यात्रा रुक-रुक कर पूरी होगी तथा माल ढुलाई में एक से अधिक ट्रांसपोर्टर शामिल होंगे।
तकनीकी खामियों को दूर करने की कोशिशें
पहले जीएसटी परिषद द्वारा जीएसटी नेटवर्क में शुरुआती तकनीकी खामियों के कारण ई-वे बिल बनाने में व्यापारियों द्वारा सामने आने वाली कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए अंतर्राज्यीय ढुलाई और राज्य के भीतर ढुलाई दोनों के लिए ई-वे बिल तैयार करने के लिए परीक्षण चरण का विस्तार करने का फैसला किया गया था। बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी की अध्यक्षता में मंत्रियों के समूह ने फरवरी में हुई अपनी बैठक में अंतरराज्यीय माल ढुलाई के लिए ई-वे बिल प्रणाली के अनिवार्य क्रियान्वयन की तिथि 1 अप्रैल रखने की सिफारिश की थी।
More Articles
- Nifty 25,000 की ओर या आएगा Correction? Banking, NBFC और IT Sector पर Expert की बड़ी राय
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित