देश में नीरव मोदी की संपत्ति पर तेजी से शिकंजा कसा जा रहा है। अब ईडी यानि कि प्रवर्तन निदेशालय इस फिराक में है किसी तरह से नीरव मोदी को अरेस्ट करके भारत लाया जाए। इसके लिए ईडी ने इंटरपोल से मदद मांगी है। आपको बता दें कि नीरव मोदी 13 हजार 400 करोड़ रुपए का फर्जीवाड़ा करके देश से फरार चल रहा है।
अब प्रवर्तन निदेशालय ने अरबों रुपए के पंजाब नेशनल बैंक घोटाले के मुख्य आरोपी भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी और उसके परिवार को ढूंढने के लिए इंटरपोल से मदद मांगी है। खबरों के मुताबिक, एजेंसी ने कुछ दिन पहले इंटरपोट से नीरव मोदी को ढूंढने और उसे गिरफ्तार करने का अनुरोध किया था, जो जनवरी के पहले हफ्ते से ही अपने परिवार के साथ देश से फरार है।
इसके कुछ ही हफ्तों बाद सीबीआई को इस घोटाले की सूचना दी गई थी, जो इस मामले में आपराधिक भ्रष्टाचार की जांच कर रहा है। पीएनबी को धोखा देने के मामले में गीतांजलि समूह के प्रवक्ता मोदी और उसके व्यापारिक सहयोगी और मामा मेहुल चौकसी के खिलाफ ईडी और सीबीआई की जांच चल रही है, जिसके तहत यह कदम उठाया गया है।
2013 से ही मोदी के समूह की कंपनियों- डायमंड आर यूएस, स्टीलर डायमंड और सोलर एक्सपोर्ट्स और अन्य के समृद्ध और जाने-माने भारतीय खरीदार रहे है। पीएनबी ने मोदी और उसके समूह की कंपनियों द्वारा 13,500 करोड़ रुपए के घोटाले की सूचना दी थी, जिसमें देश के बैंकिंग प्रणाली में बड़े पैमाने पर उथलपुथल मचा दिया है।
सीबीआई ने भी मोदी को ढूंढने के लिए फरवरी में इंटरपोल से संपर्क किया था। नीरव मोदी की पत्नी अमी एक अमेरिकी नागरिक है, जिसने 6 जनवरी को देश छोड़ दिया था और मोदी के मामा चोकसी ने 4 जनवरी को देश छोड़ दिया था। सीबीआई को दी गई विभिन्न शिकायतों में पीएनबी ने दावा किया है कि उसके अधिकारियों को मोदी को कई लेटर ऑफ अंडरटेकिंग जारी किए गए, जिससे बैंक को भारी नुकसान हुआ है।
एलओयू एक बैंक की शाखा द्वारा अन्य बैंकों को जारी किया जाता है, जिसके आधार विदेशी शाखाओं द्वारा खरीदार को कर्ज दिया जाता है, जिसकी जिम्मेदारी एलओयू जारी करनेवाले बैंक की होती है। इस मामले में जारी जांच में, ईडी ने मंगलवार को मोदी के फायरस्टार ग्रुप के उपाध्यक्ष श्याम सुंदर वाधवा को गिरफ्तार कर लिया और अब तक देश भर में 251 संपत्तियों को जब्त किया है और हीरे सोना, मोती समेत कई कीमती पत्थरों को जब्त किया है। ईडी ने दावा किया है कि उसने मोदी और उसके कारोबारी समूहों से जुड़े 7,638 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियों को जब्त किया है।
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