छत्‍तीसगढ़ सरकार अपनी राज्‍य स्‍कीम अर्थात मुख्‍यमंत्री स्‍वास्‍थ्‍य बीमा योजना (एमएसबीवाई) सहित एक केंद्रीय प्रायोजित स्‍कीम राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य बीमा योजना (आरएसबीवाई) कार्यान्वित कर रही है। आरएसबीवाई के तहत, बीपीएल परिवारों तथा असंगठित मजूदरों की 11 अन्‍य परिभाषित श्रेणियों को शामिल किया गया हे। आरएसबीवाई में जिन परिवारों को नहीं लिया गया है, उन्‍हें एमएसबीवाई के अंतर्गत शामिल किया गया है। एमएसबीवाई में नामांकित लाभार्थी 50,000/- रुपए के स्‍वास्‍थ्‍य बीमा कवर के हकदार हैं।

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आरएसबीवाई लाभार्थियों को एमएसबीवाई के अंतर्गत 20,000/- रुपए अतिरिक्‍त कवर प्रदान किया गया है। 24 राज्‍यों/संघ राज्‍य क्षेत्रों, नामत: तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु, ओडिसा, महराष्‍ट्र, गोवा, केरल, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, मेघालय, छत्‍तीसगढ़, दादरा एव नगर हवेली, दमन एवं द्वीप, राजस्‍थान, पंजाब, उत्‍तराखंड, पुदुचेरी, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम अपनी स्‍वयं की स्‍कीमें कार्यान्वित कर रहे हैं। इनमें से अधिकतर स्‍कीम 30,000/- रुपए से लेकर 3 लाख रुपए तक की तृतीयक परिचर्या हेतु बीमा कवर प्रदान करती हैं।

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वर्ष 2018-19 के बजट में, सरकार ने द्वितीय तथा तृतीयक परिचर्या हेतु अस्‍पताल में भर्ती कराने के लिए प्रतिवर्ष प्रति परिवार 5 लाख रुपए तक का कवर प्रदान करते हुए लगभग 10 करोड़ निर्धन तथा वंछित परिवारों (लगभग 50 करोड़ लाभार्थी) को शामिल करने के लिए एक प्रमुख राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य सुरक्षा स्‍कीम (एनएचपीएस) शुरू करने की घोषणा की है। एक बार एनएचपीएस के शुरू होने के बाद, आरएसबीवाई को इसी में शामिल कर लिया जाएगा। प्रस्‍तावित एनएचपीएस एक अखिल भारतीय स्‍कीम है तथा सभी राज्‍यों/संघ राज्‍य क्षेत्रों के पास इसमें शामिल होने का विकल्‍प है।