अमेरिकी बेंचमार्क इंडेक्‍स कम से कम 1 फीसदी कम होने की तैयारी में थे, क्‍योंकि अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने चीनी सामानों में 50 अरब डॉलर का टैरिफ लगाया। इसलिए अमेरिका के टेक्‍नोलॉजी इंडस्‍ट्री में निवेश करने की चीन की क्षमता को सीमित करने के लिए यह कदम उठाया गया। जिसका असर एशियाई बाजारों पर भी देखने को मिला है।

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जापान के बाजार में भी गिरावट

यह चाल अमेरिका की कंपनियों को चीन में व्‍यापार करने के लिए और उनके व्‍यापारिक रहस्‍यों को जानने के लिए चली जा रही है। जिसकी वजह से एशियाई बाजारों में तेज गिरावट देखने को मिल रही है। सिंगापुर का एसजीएक्‍स निफ्टी इंडेक्‍स 122.50 प्‍वाइंट्स गिरकर 9999 के स्‍तर पर कारोबार कर रहा है। तो वहीं जापान का बाजार निक्‍केई 764 अंक की गिरावट के साथ 20,828 के स्‍तर पर कारोबार कर रहा है। हैंग सेंग 954 अंक लुढ़क कर 30,111 के स्‍तर पर कारोबार कर रहा है।

कोरियाई बाजारों का हाल

अगर बात करें कोरयिाई बाजार की तो यहां का इंडेक्‍स कोस्‍पी 2.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2439 के स्‍तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि ताइवान इंडेक्‍स 192 अंक गिरकर 10,813 के स्‍तर पर कारोबार कर रहा है। साथ ही शंघाई कम्‍पोजिट 99 अंक टूटकर 3164 के स्‍तर पर कारोबार कर रहा है।

भारतीय बाजार

अगर भारतीय बाजार की बात करें तो यहां पर अमेरिकी-चीनी ट्रेड वॉर का असर नजर आ रहा है। सेंसेक्‍स और निफ्टी में तेजी से गिरावट देखने को मिल रही है। कारोबारी सप्‍ताह के आखिरी दिन बीएसई के 30 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्‍स सेंसेक्‍स 431 अंक यानी 1.3 प्रतिशत गिरकर 32,575 के स्‍तर पर कारोबार कर रहा है। तो वहीं एनएसई का 50 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्‍स निफ्टी 140 अंक गिरकर 9,975 के स्‍तर पर कारोबार कर रहा है।

मिडकैप और स्‍मॉलकैप

इसके अलावा मिडकैप और स्‍मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली नजर आ रही है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्‍स 1.7 प्रतिशत गिरा है, जबकि निफ्टी के मिडकैप 100 इंडेक्‍स में 1.6 प्रतिशत की कमजोरी देखने को मिल रही है। बीएसई का स्‍मॉलकैप इंडेक्‍स 1.8 प्रतिशत लुढ़का है। दिग्‍गज शेयरों में आज हिंडाल्‍को, यस बैंक, टाटा स्‍टील और वेदांता सहित 4.3 प्रतिशत तक टूटे हैं।