बुधवार को लोकसभा में बिना किसी प्रकार के चर्चा के फाइनेंस बिल 2018 पारित कर दिया गया है। हालांकि, बजट प्रस्तुत करने के दौरान हंगामे के बीच में विधेयक और विनियोग विधेयक 2018 को मंजूरी दे दी गई है। इससे पहले विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों की 99 मांगों को 'गिलेटिन' के जरिए मंजूरी दे दी गई है।
फाइनेंस बिल 2018 में 3 नए क्लॉज के साथ 31 संशोधन किए गए हैं। जो अहम संशोधन आए हैं उनमें अनलिस्टेड शेयरों में कैपिटल गेन टैक्स में राहत मिली है। अब अनलिस्टेड शेयरों में कैपिटल गेन्स टैक्स में इंडेक्शन का फायदा मिलेगा। हालांकि, इंडेक्शन के लिए 31 जनवरी 2018 की तारीख मान्य रहेगी। यानी कि 31 जनवरी तक लिस्ट नहीं हुए शेयरों के कैपिटल गेंस टैक्स में थोड़ी राहत दी गई है। इससे नए आईपीओ और स्टार्टअप को भी फायदा होगा। वहीं पीएफ की रकम जब्त नहीं होगी और इसके नियम में बदलाव होगा। लोकसभा में बिल को पेश करते समय हंगामे के बीच वित्त एवं विनियोग विधेयक पारित किए जाने के विरोध में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और राकांपा सदस्यों ने वॉकआउट भी किया।More Articles