अगर आपकी हाल ही में शादी हुई या फिर आप अगले कुछ वर्षों में शादी करने जा रहे हैं तो आपको भविष्य को लेकर अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग पर अभी से काम शुरु कर देना चाहिए। शादी के बाद आपकी जिम्मेदारियां बढ़ जाएंगी और खर्च भी ऐसे में अगर पहले से फाइनेंशियल प्लानिंग ना हो तो स्थिति डगमग हो सकती है। यहां हम आपको बताएंगे कुछ ऐसी फाइनेंशियल प्लानिंग के बारे में जो शादी के बाद आपको आर्थिक रुप से मजबूत बनाए रहने में मदद करेगी।
शादी के बाद सबसे पहला फाइनेंशियल स्टेप होगा इमर्जेंसी फंड बनाना। इसे एफडी, आरडी, SIP (सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) आदि किसी भी तरह से बना सकते हैं। सिर्फ सेविंग अकाउंट में पैसा डाल कर रखना सही प्रैक्टिस नहीं होगी, लेकिन फिर भी सही यही होगा कि आगे लिक्विड म्यूचुअल फंड या अल्ट्रा शॉर्ट टर्म फंड में इन्वेस्ट कर दिया जाए।
किसी भी समाना की खरीददारी से पहले बजट जरूर बनाएं। बजट बनाने से आपके पास खर्च का एक हिसाब होगा। अगर बड़ी खरीददारी करनी है तो फिर उसके लिए कम से कम 2 महीने पहले से बजट बनाना शुरु कर दें। साथ ही ये भी देखें कि उस समान की खरीददारी के बाद आपके पास महीने के अंत में कितना पैसा बचेगा।
अगर आपके पास एक से अधिक बैंक खाते हैं तो इस बात का जरूर ध्यान रखें कि कौन से बैंक खाते से आप ज्यादा खर्च कर रहे हैं। जिस बैंक अकाउंट से ईएमआई जाती है अगर उसमें हमेशा थोड़ा ज्यादा पैसा पड़ा रहेगा तो ये आपके क्रेडिट स्कोर के लिए अच्छा होगा। इसके अलावा, इस बात की प्लानिंग भी करें कि महीने का खर्च किस अकाउंट से चुकाना है।
अगर शादी से पहले आपके ऊपर क्रेडिट कार्ड, कार लोन या किसी तरह का कोई भी कर्ज है तो उसे पहले खत्म करें। लोन की राशि को जल्दी चुकाने की कोशिश करें और साथ ही म्यूचुअल फंड और शेयर मार्केट में छोटो-मोटा निवेश करते रहें।
किसी दुर्घटना में टर्म इंश्योरेंश बहुत बड़ी मदद होती है। आज कल तो बैंक एक करोड़ रुपए तक टर्म इंश्योंरेश देने का दावा करते हैं। वहीं इसका प्रीमियम भी आकर्षक रखते हैं। टर्म इंश्योंरेश मुसीबत की घड़ी में सबसे बड़ी मदद करता है।
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