अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का मानना है कि भारत अब नोटबंदी तथा वस्तु एवं सेवा कर की वजह से पैदा हुई अड़चनों से बाहर आ रहा है। इसके साथ ही आईएमएफ ने कहा कि भारत को अब शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में सुधारों पर ध्यान देना चाहिए तथा बैंकिंग और वित्तीय प्रणाली की दक्षता को सुधारना चाहिए।
आईएमएफ की डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर ताओ झांग ने कहा, 'हाल के वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था में मजबूती से विस्तार हुआ है। ऐसा व्यापक आर्थिक नीतियां के कारण हुआ है जिसमें स्थिरता और आपूर्ति पक्ष की संभालने के प्रयास और ढांचागत सुधार शामिल हैं। नोटबंदी की अड़चनों और जीएसटी के लागू होने के कारण आर्थिक वृद्धि दर धीमी हो गई थी।'
झांग ने कहा, 'हालांकि भारत की अर्थव्यवस्था पिछली तिमाही में 7.2 फीसदी की दर से विकास कर रही थी। भारत ने सबसे तेजी से विकसित होने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था का खिताब बरकरार रखा है।'
इस बढ़ोतरी को स्वागतयोग्य बदलाव बताते हुए झांग ने कहा कि भारत के विकास की संभावनाएं सकारात्मक बनी हुई हैं। झांग 12 मार्च से 20 मार्च तक भारत और भूटान की यात्रा पर आए हुए हैं। वह सोमवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया में सोमवार को वित्तीय तकनीक पर प्रेजेंटेशन भी देंगे।
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