सोशल साइट और माइक्रोब्‍लॉगिंग साइट ट्विटर के नए चीफ टेक्‍नीकल ऑफिसर का पद मिला है आईआईटी के पराग अग्रवाल को। आपको बता दें कि उन्‍हें इस पद की जिम्‍मेदारी दी गई है 2016 में कंपनी छोड़ने वाले एडम मेसिंगर के बदले में। आईआईटी पवई के छात्र पराग ने स्‍टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से कंप्‍यूटर साइंस में पीएचडी किया है।

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ट्विटर की वेबसाइट के अनुसार सीटीओ के रुप में पराग कंपनी की तकनीकि रणनीति का नेतृत्‍व करेंगे। उनके अंडर में मशीन लर्निंग, ट्विटर के ग्राहक एवं राजस्‍व उत्‍पाद और इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर टीम की देखरेख होगी।

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एड इंजीनियर के रुप में जुड़े थे ट्विटर से

आपको बता दें कि पराग 2011 में बतौर एड इंजीनियर ट्वीटर से जुड़े थे। उन्‍हें हाल ही में प्रतिष्ठित सॉफ्टवेयर इंजीनियर का खिताब दिया गया था। इसके बाद उन्‍होंने एड सिस्‍टम बढ़ाने के प्रयासों की जिम्‍मेदारी उठाई उन्‍होंने ऑनलाइन मशीन लर्निंग के लिए भी एक प्‍लेटफॉर्म तैया किया।

डाटा रिसर्च के क्षेत्र में किया है काम

पराग ने बड़े पैमाने पर डाटा रिसर्च के क्षेत्र में काम किया है। वह माइक्रोसॉफ्ट रिसर्च, याहू रिसर्च और एटीएंडटी जैब्‍स जैसी दिग्‍गज कंपनियों से जुड़े रहे। ट्विटर ज्‍वाइन करने से पहले उन्‍होंने एटी एंड टी, माइक्रोसॉफ्ट और याहू रिसर्च में इंटरर्नशिप की है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में दिया है योगदान

ट्विटर में पराग के योगदानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्‍तेमाल से ट्विटर यूजर्स की टाइमलाइंस में ट्वीट्स के औचित्‍य को बढ़ाने के प्रयास भी शामिल हैं। ट्विटर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से खुद के गलत इस्‍तेमाल को भी रोकता है।

मशीन लर्निंग का होगा काम

ट्विटर के प्रवक्‍ता के अनुसार सीटीओ के तौर पर उनका काम मशीन लर्निंग और एआई सीखने पर केंद्रित होगा। इसके अलावा राजस्‍व उत्‍पाद और बुनियादी ढ़ांचा टीमों की स्‍केलिंग करना भी होगा। ट्वीटर ने इस सप्‍ताह घोषणा की थी कि वह अपने प्‍लटेफॉर्म पर सामूहिक स्‍वास्‍थ्‍य, खुलापन और सार्वजनिक बातचीत में शिष्‍टाचार बढ़ाने के मकसद से समाज विज्ञान का एक निदेशक नियुक्‍त करना चाहता है।