देश में जीएसटी के लागू होने के बाद से टैक्स कलेक्शन में बढ़त देखने को मिली है। आपको बता दें की देश का डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन चालू वित्त वर्ष के पहले 11 महीनों में 7.44 लाख करोड़ रुपए रहा है, जो कि वित्त वर्ष 2016-17 की समान अवधि की तुलना में 19.5 प्रतिशत अधिक है। वित्त मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली है।
वित्त मंत्रालय ने बताया कि फरवरी तक वित्त वर्ष 2017-18 के लिए संशोधित अनुमान का 74.3 प्रतिशत टैक्स संग्रह हुआ है, जो कि 10.05 लाख करोड़ रुपए है। बयान में कहा गया है कि 2017 के अप्रैल से 2018 के फरवरी तक सकल संग्रहण में 14.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और यह 8.83 लाख करोड़ रुपए रही। जबकि रिफंड की रकम 1.39 लाख करोड़ रुपए है। वित्त मंत्रालय का कहना है कि समीक्षाधीन अवधि में कॉरपोरेट कर संग्रहरण की वृद्धि दर 19.7 प्रतिशत रही है, जबकि निजी आयकर की वृद्धि दर 18.6 प्रतिशत रही है। इस संबंध में अगले वित्त वर्ष का बजट प्रस्तुत करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मुद्रास्फीति में बढ़ोतरी के प्रभाव के साथ राजकोषीय घाटे में वृद्धि की घोषणा की थी। सरकार ने वित्त वर्ष 2017-18 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्षय जीडीपी का 3.5 प्रतिशत निर्धारित किया था, जो कि 5.95 लाख करोड़ रुपए के बराबर है।More Articles