एक ओर जहां अक्षय कुमार ने अपनी फिल्‍म पैडमैन के द्वारा देश के लोगों के बीच पीरियड्स और सेनटरी नैपकीन का ज्‍वलंत मुद्दा उठाया कर महिलाओं को और सशक्‍त बनाने का कार्य किया, तो वहीं दूसरी ओर अब सरकार भी इस विषय को लेकर जागृत हो रही है। जी हां सरकार रेल यात्रियों और कर्मचारियों को सेनेटरी नैपकिन उपलब्‍ध कराएगी। ऐसा दिल्‍ली सहित देश के 200 बड़े रेलवे स्‍टेशनों पर होगा।

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दस्‍तक नाम से मिलेंगे सेनेटरी पैड

महिलाओं को पर्यावरण अनुकूल और सस्‍ते नैपकीन उपलबध कराने के लिए स्‍टेशनों और रेल परिसरों में सेनेटरी नैपकिन डिस्‍पेंसर मशीन लगाने की योजना है। रेलवे महिला कल्‍याण केंद्रीय संगठन ने दिल्‍ली में 'दस्‍तक' नाम से इस तरह की सस्‍ती सेनेटरी नैपकिन तैयार कर रही है। रेलवे मंत्री पीयूष गोयल रेलवे संगठन द्वारा शुरु की गई दस्‍तक नामक उत्‍पादन यूनिट का दौरा भी कर चुके हैं।

रोजाना 400 तैयार हो रहे नैपकिन

रेलवे महिला कल्‍याण केंद्रीय संगठन ने 1 जनवरी से दिल्‍ली के सरोजनी नगर स्थित रेलवे कॉलोनी में सेनेटरी पैड बनाने की इकाई शुरु की है। यहां पर रोज 400 सेनेटरी नैपकिन तैयार किए जा रहे हैं। देश के अन्‍य हिस्‍सों में भी इस तरह की योजना शुरु करने के लिए इस इकाई की स्‍थापना अलग-अलग जगह पर की जाएगी।

पर्यावरण के अनुकूल होंगे सेनेटरी पैड

भारतीय रेलवे की इस पहल से तैयार किए जा रहे सेनेटरी नैपकिन इको फ्रैंडली होंगे। रिर्पोट्स के अनुसार इन नैपकिन्‍स की कीमत बेहद कम है। पैकिंग के बाद नैपकिन को अल्‍ट्रा वॉलेट किरणों के उपयोग से जीवाणु रहित किया जा सकता है।

कई रेलवे स्‍टेशनों मे लग चुके हैं सेनेटरी नैपकिन डिस्‍पेंसर

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्विनी लोहानी के अनुसार नई दिल्‍ली, भोपाल रेलवे स्‍टेशन और उत्‍तर रेलवे के मुख्‍यालय बड़ौदा हाउस के साथ-साथ अन्‍य रेल परिसरों में सेनेटरी नैपकिन डिस्‍पेंसर लगा दिए गए हैं। अंतराष्‍ट्रीय महिला दिवस तक महिला रेल कर्मचारियों, यात्रियों और कमजोर वर्ग की महिलाओं के लाभ के लिए लगभग 200 बड़े रेलवे स्‍टेशनों के साथ-साथ रेलवे परिसरों में इसे कवर करने की योजना बनायी जा रही है।