एचडीएफसी बैंक के वित्‍तीय नतीजों के लीक होने के मामले में सेबी ने बैंक अधिकारियों सहित सभी जिम्‍मेदार लोगों की पहचान करने का आदेश दिया है। दरअसल, ऋणदाताओं पर अपर्याप्‍त नियंत्रण को बाजार नियामक में लीक का प्रथम कारण माना है।

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एक बड़े लीक मामले में एचडीएफसी बैंक सहित विभिन्‍न कंपनियों की संवेदनशील वित्‍तीय जानकाारियां उनके औपचारिक एलान से पहले व्‍हाट्सएप पर लीक हो गईं थीं। सेबी ने निजी क्षेत्र के सबसे शीर्ष ऋणदाताओं पर पाबंदी लगा दी है और भविष्‍य में इस तरह के रिसाव को रोकने के लिए सिस्‍टम और नियंत्रण को मजबूत करने के लिए कहा है।

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इस मामले में सेबी का कहना है कि एचडीएफसी बैंक एनपीए के परिणामों सहित अप्रकाशित अतिसंवेदनशील जानकारी से संबंधित अपने वित्‍तीय आंकड़ों के रिसाव की आंतरिक जांच कर और इसके लिए जिम्‍मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करे।

एचडीएफसी बैंक को अपनी यह जांच तीन महीनों के अंदर करनी है और उसके बाद सात दिन के अंदर उसकी रिर्पोट सेबी को देनी है।