11,400 करोड़ रुपए के घोटाले के बाद पीएनबी स्कैम के मामले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई हुई है। बैंक ने अपने 18,000 कर्मचारियों का ट्रांसफर कर दिया है। ऐसा माना जा रहा है कि सीवीसी के आदेश के बाद यह फैसला किलया गया है। एक ही ब्रांच में 3 साल से काम कर रहे अधिकारी और 5 साल से जमे र्कचारी निशाने पर हैं। तो वहीं 1-2 महीने में रिटायर होने वाले अधिकारी भी शामिल हैं।
फिलहाल, इस ट्रांसफर प्रक्रिया का एक बैंक एसोसिएशन विरोध कर रहा है। नेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ बैंक वर्कर्स ने इस कदम का विरोध किया है। यूनियन ने इसे तुगलकी फरमान बताया है। उनका मानना है कि ट्रांसफर से मार्च क्लोजिंग के काम पर बुरा असर पड़ेगा इसे अप्रैल तक टाला जाए।
आपको बता दें कि केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने बैंकों को एडवाइजरी जारी करते हुए कहा था कि एक ही ब्रांच में कई साल से कर्मचारी की तैनाती घोटाले की आशंका को तेज करती है। लिहाजा 21 फरवरी तक 3 साल से ज्यादा वक्त से एक ही पोस्ट और ब्रांच में काम कर रहे बैंक अफसर और 5 साल से ज्यादा वक्त से एक ही ब्रांच में काम कर रहे क्लर्कों की सूची तैयार की जाए। उसके बाद ही उनके ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरु की जाए।
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