दरअसल ऊपर लिखे ये दो वाक्य एक ही शख्सियत के दो पहलू हैं। ये शख्स हैं विक्रम कोठारी, जिनकी कंपनी रोटोमैक पेन बनाया करती थी। इस पेन को बेचने के लिए बड़ी ही दिलचस्प टैगलाइन रखी गई थी, 'लिखते-लिखते लव हो जाए'। आलम ये था कि इस पेन का एड सलमान खान भी किया करते थे। पर ये सब तो पुरानी बाते हैं, रोटोमैक को लेकर जो खबर आयी है वो ऊपर लिखे दूसरे वाक्य से जुड़ी है।

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रोटोमैक पेन बनाने वाली कंपनी के मालिक विक्रम कोठारी पर आरोप लगा है कि वह भी नीरव मोदी की तरह बैंक का अरबों का चूना लगा कर विदेश भाग गए हैं। हालांकि कोठारी के विदेश भागने की बातें अब अफवाह साबित हो गई हैं।

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समाचार पोर्टल नवभारत टाइम्स ने दावा किया है कि, कोठारी ने खुद उनसे कहा है कि वह कानपुर में है और वह देश छोड़कर कहीं नहीं जा रहे हैं। पोर्टल ने दावा किया है कि, बैंकों के अरबों रुपये के कर्जदार और कानपुर के नामी उद्योगपति विक्रम कोठारी ने कहा कि वह देश छोड़कर कहीं नहीं जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बैंकों से लिए गए कर्ज का केस नैशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) के पास है। इसके इतर क्रेडिट कमिटी से लोन चुकाने के बारे में बातचीत जारी है।

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एनबीटी पोर्टल के मुताबिक, कानपुर के जाने-माने कारोबारी विक्रम कोठारी पेन बनाने वाली अग्रणी कंपनी रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड के मालिक हैं। उन्होंने काफी साल पहले कानपुर की 5-6 बैंकों से अरबों रुपये का बिजनेस लोन लिया था। जानकारी के मुताबिक, इलाहाबाद बैंक से ब्याज मिलाकर यह कर्ज करीब 352 करोड़ रुपये और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से यह रकम तकरीबन 485 करोड़ रुपये है। कुछ और बैंकों से भी अरबों रुपये का कर्ज लिया गया था।