आबादी के लिहाज से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश का बजट 2018-19 वित्त वर्ष के लिए पेश कर दिया गया है। वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल ने विधानसभा में उत्तरप्रदेश के लिए 4 लाख 28 हजार 384 करोड़ रुपए का भारी-भरकम बजट पेश किया है। यहां पर आप योगी सरकार के बजट की पूरी जानकारी विस्तार से पढ़ सकते हैं।
उत्तर प्रदेश का वित्त वर्ष 2018-19 का बजट 4 लाख 28 हजार 384 करोड़ रुपए का है। बजट में प्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा देने के बारे में एलान किया गया है।
यूपी में फरवरी में निवेश को बढ़ाने के लिए समिट का आयोजन किया जाएगा। इन्वेस्टर्स समिट में दुनिया भर के तमाम कारोबारी हिस्सा लेंगे। इन्वेस्टर्स समिट को शुरु करने के लिए तमाम प्रदेशों में किया गया रोड शो
एक जनपद एक उत्पाद योजना पर कार्य किया जा रहा है, उत्तरप्रदेश सूचना प्रौद्योगिकी नीति 2017, उत्तरप्रदेश वस्तु उद्योग नीति 2017, उत्तरप्रदेश खनन नीति 2017 पर काम जारी है।
ईज ऑफ डूईंग बिजनेस को बढ़ाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम की शुरुआत की जा रही है, इसके लिए सीधे सीएम कार्यालय से आवेदन को मंजूरी मिल सकेगी।
प्रदेश में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार ने 250 करोड़ रुपए से स्टार्टअप फंड की स्थापना की है। वित्तमंत्री ने कहा कि पहली बार प्रदेश में यूपी दिवस मनाया गया है।
प्रदेश में वाराणसी में पहली बार वैदिक साइंस सेंटर की स्थापना की जा रही है। इसके अलावा सशस्त्र सेना के तीनों अगों में काम करने वाल यूपी का कोई सैनिक शहीद होता है तो उस गांव को शहीद गांव घोषित किया जाएगा।
प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय आवागमन बढ़ाने के लिए जेवर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट का काम तेजी पर है, इसके अलावा प्रदेश में संगठित अपराध को खत्म किया जा रहा है और एंटी रोमियो दल द्वारा प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।
अपराधियों से निपटने के लिए एटीएस को और भी मजबूत किया जा रहा है साथ ही जनपदीय पुलिस की स्वाट टीम को कड़ा प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
ग्रामीण विकास के लिए 22110.72 करोड़ रुपये का प्रावधान है, जो पिछले बार की तुलना में 28.8 फीसदी ज्यादा है। पंचायती राज के पास कई महत्वपूर्ण अभियान हैं। इसके लिए 17222.55 करोड़ रुपये का प्रावधान है, जो पिछले बार की तुलना में 16 फीसदी ज्यादा है।
प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों के लिए 1751.47 करोड़ रुपये, जिला चिकित्सालयों को मेडिकल कॉलेज के रूप में बदलने के लिए व 8 नए मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था बजट में है
प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों के कम्प्यूटरीकरण हेतु 31 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था। किसानों को कम ब्याज दर पर फसली ऋण उपलब्ध कराने हेतु सब्सिडी योजना के तहत 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था। उर्वरकों के अग्रिम भण्डारण की योजना हेतु 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
चिकित्सा और स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, चिकिस्था शिक्षा और आयुष के लिए 21197.58 करोड़ रुपये का प्रावधान है, जो पिछले बार की तुलना में 17.3 फीसदी ज्यादा है, नगर विकास और नगरीय रोजगार के लिए 14654.22 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा के साथ तकनीकी शिक्षा के लिए 68263.20 करोड़ रुपये का प्रावधान है। इस बार सबसे ज्यादा बजट शिक्षा का रखा गया है, बजट में सीएचसी, पीएचसी व जिला अस्पतालों में बेहतर सुविधाओं के लिए 710 करोड़ की व विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में दवा के लिए 743 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है।
महिला और बाल विकास के लिए 8814.53 करोड़ रुपये का प्रावधान है। यह पिछले बार के बजट की तुलना में 15 फीसदी ज्यादा है।
- प्रदेश सरकार ने गन्ना किसानों को लाभ दिया जा रहा है।
- 31 जनवरी 2018 तक 11 हजार 337 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है।
- सीएम फल उद्यान योजना लागू की गई है।
- प्रदेश में 25 लाख टन चीनी का उत्पादन किया गया।
- 80 लाख क्विंटल गन्ना बीज किसानों को उपलब्ध कराया गया।
- गेहूं खरीद के लिए प्रदेश में 5 हजार 500 केंद्र खोले जाएंगे
- 19700 स्वयं सहायता समूह का गठन किया गया है।
- अमृत योजना का लाभ 60 शहरों को मिला है
- पीएम आवास योजना शहरी के तहत 5 लाख आवासों के आवंटन का लक्ष्य है।
- गंगा नदी को प्रदूषण से मुक्त कराने के लिए 7 हजार 482 करोड़ की परियोजना केंद्र सरकार को भेजी गई हैं
- नगर निगम की स्ट्रीट लाइट्स को एलईडी लाइट्स में बदला जाएगा।
- सड़क पर फेरी लगाने के लिए फेरी नियमावली 2017 को लागू किया जाएगा।
- मथुर, वृंदावन, अयोध्या, फैजाबाद को नगर निगम बनाया गया है।
- कुंभ मेला 2019 के लिए प्रयागराज मेला प्राधिकरण का गठन किया गया है।
- मेट्रो रेल परियोजना के तहत लखनऊ मेट्रो का व्यवसायिक परिचालन शुरु।
- कानपुर, आगरा और मेरठ की मेट्रो परियोजना के लिए डीपीआर तैयार किया जा चुका है।
- इलाहाबाद, वाराणसी और झांसी की मेट्रो परियोजनाओं के केंद्र सरकार की नई नीति के अनुरुप बदला जा रहा है।
- 31 लाख से अधिक शौचालयों का निर्माण किया गया।
- शौचालय निर्माण में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर
- गंगा नदी के किनारे बसे 1 लाख से अधिक गांवों को खुले में शौच से मुक्त कराया गया।
- 168 राष्ट्रीय नलकूपों का नवीनीकरण किया गया है।
- लघु सिंचाई योजना के तहत 10 हजार से ज्यादा निशुल्क बोरिंग की गई हैं।
- 1 हजार से ज्यादा मध्यम गहरी बोरिंग की गई है।
- 416 गहरी बोरिंग की गई है।
- प्रदेश में सड़कों का 970 किलोमीटर का निर्माण कार्य पूरा किया गया है।
- प्रदेश में यातायात को सुधारने के लिए तमाम फ्लाइओवर बनाए जाएंगे और सड़कों का चौड़ीकरण किया जाएगा।
- प्रदेश में विद्युतीकरण का काम जोरो पर है।
- प्रदेश में 50 हजार से अधिक घरों का विद्युतीकरण किया जा चुका है।
- 37 लाख 55 हजार परिवारों को बिजली देने का लक्ष्य।
- युवाओं को रोजगार देने के लिए प्रदेश भर में जॉब फेयर लगाए जा रहे हैं।
- प्रदेश में अवैध खनन को रोका जाएगा और खनन नीति को सरल बनाया जाएगा।
- अवैध खनन को रोकने के लिए सेटेलाइट से निगरानी की जाएगी।
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