अगर आपके पास घर है और घर में खाली छत पड़ी है तो आपके लिए यह एक अच्छा मौका है। क्योंकि इस खाली छत में ही आप कर सकते हैं हजारों-लाखों रुपए की कमाई। बस आपको अपनी छत पर सोलर प्लांट लगाकर बिजली बनानी है और इस बिजली को आपको सरकार या तो बिजली कंपनियों को बेचना है और इसमें आपकी सहायता करेगा भारतीय स्टेट बैंक। तो एसबीआई के साथ ये बिजनेस डील करने के लिए आप भी तैयार हो जाइए और यहां पर जानिए कि आप ये काम कैसे शुरु कर सकते हैं।
मोदी सरकार ने सत्ता में आने के बाद देश में सोलर पावर प्रोडक्शन का टारगेट लगभग पांच गुना बढ़ा दिया है। इसके अलावा सरकार ने लोगों से यह अपील की है कि वे अपने घर की छत पर सोलर प्लांट से बिजली बनाकर इस लक्ष्य को पूरा करने में सहायक बनें। इसके लिए आपको मिनिस्ट्री ऑफ न्यू एंड रीन्यूबल एनर्जी की वेबसाइट https://solarrooftop.gov.in/login पर जाना होगा। यहां पर आप लॉगिन आईडी बनाकर आसानी से आवेदन कर सकते हैं।
इस योजना के लिए स्टेट बैंक ने विशेष तौर पर बर्ल्ड बैंक से लाइन ऑफ क्रेडिट लिया है ताकि इस योजना का लाभ लेने वालों को लोन मुहैया करा सके। आपको बता दें कि एसबीआई पूरे सोलर प्रोजेक्ट की कुल लागत का 75 प्रतिशत तक लोन के रुप में दे रहा है। एसबीआई की सभी कॉरपोरेट ग्रुप ब्रांच और एसएमई ब्रांच इस तरह के लोन मुहैया कराएगी। साथ ही लोन को चुकाने के लिए 15 साल तक का समय दिया जाएगा।
इस बिजनेस के लिए कोई भी व्यक्ति अकेले प्रोपराइटर के तौर पर, पार्टनरशिप फर्म/इन्क्लूडिंग एलएलपी व कंपनी/स्पेशल पर्पस, व्हीकल/एनबीएफसी, खरीददार या उनकी पेरेंट कंपनी एसबीआई से रुफटॉप सोलर सिस्टम लगाने के लिए लोन को लेकर आवेदन कर सता है।
इसके लिए उनके पास पावर सेक्टर में कम से कम 1 साल का एक्सपीरियंस या पास्ट ट्रैक रिकॉर्ड होना चाहिए। उनकी सीआरए रेटिंग एसबी-10 और उससे अच्छी होनी चाहिए, साथ ही 10 करोड़ रुपए या उससे ज्यादा के लोन के लिए ईसीआर अनिवार्य है।
- आवेदनकर्ता और गारंटर की आईडी या एड्रेस प्रूफ जैसे वोटर आईडी, पैन नंबर, आधार नंबर आदि।
- आवेदनकर्ता और गारंटर के पिछले तीन फाइनेंशियल ईयर्स के इनकम टैक्स रिटर्न, वेल्थ टैक्स रिटर्न्स।
- आवेदनकर्ता और उसके सहयोगियों की पिछले तीन सालों के बिजनेस की सालाना रिर्पोट, जिसमें ऑडिटेड बैलेंस शीट और ट्रेडिंग व प्रॉफिट या लॉस अकाउंट मौजूद हो।
कोई व्यक्ति/पार्टनशिप , फर्म/कंपनी छत पर सोलर पावर प्रोडक्शन के लिए लोन को लेकर आवेदन करते हैं तो प्रॉपराइटर/पार्टनर्स/डायरेक्टर्स की पर्सनल गारंटी की डिमांड की जाएगी। स्पेशल पर्पस व्हीकल्स/एसोसिएट्स/सब्सडियरीज के लोन लेने पर स्पांसर की कॉरपोरेट गारंटी चाहिए होगी।
1-अगर आवेदनकर्ता की कोई कंपनी है तो उसके मेमोरेंडम एंड आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन, सर्टिफिकेट ऑफ कमेन्समेंट ऑफ बिजनेस लगेंगे।
2-पिछले तीन साल का सेल्स टैक्स रिर्टन
3-डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिर्पोट की कॉपी, प्रोजेक्टेड बैलेंस शीट, प्रॉफिट व लॉस अकाउंट, कैश फ्लो स्टेटमेंट आदि।
4-रिसोर्सेज स्टडी की कॉपी
More Articles
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान