आज अगर आपको अपने घर का कोई काम करवाना है, गाड़ी के लिए मकैनिक खोजना हो या फिर बच्चे के लिए ट्यूशन टीचर खोजना हो, आप ऑन लाइन इन्हें जस्ट डायल पर खोज सकते हैं। खुद अमिताभ जी भी कहते हैं जो भी पूछना हो JD से यानि जस्ट डायल से पूछो। जस्ट डायल आज जिस मुकाम पर है वहां पहुंचने के पीछ कड़ी मेहनत है, यहां हम आपको बताएंगे कि लोकल सर्च इंजन जस्ट डायल की शुरुआत कैसे हुई।
इस कंपनी की शुरुआत 1994 में 50,000 रुपये के निवेश के साथ हुई। एक गराज को दफ्तर के रूप में परिवर्तित किया गया और किराए पर कुछ फर्निचर और कंप्यूटर को लेकर 5-6 कर्मचारियों के साथ इस कंपनी की शुरूआत की गई। कुछ ही समय में जस्ट डायल देश का लोकप्रिय सर्च वेबसाइट बन गई।
सफलता की इसी राह पर चल कर जस्ट डायल ने अन्य देशों में भी प्रवेश करना आरंभ किया। आज इसकी मौजूदगी यूएई, कनाडा, यूके और अमेरिका जैसे देशों में भी है। फिलहाल भारत में इसके 15 दफ्तर हैं।
जस्ट डायल के संस्थापक वैंकटाचलम् शांतनु सुब्रमणि मणि जिन्हें VSS मणि के भी नाम से जाना जाता है, ने अपने कैरियर की शुरुआत यूनाइडेट डेटाबेस इंडिया (यूडीआई) नामक येलो पेजस कंपनी में एक विक्रेता के रूप में की, यहाँ उनका काम एक डेटाबेस को संग्रह करना था जो लोगों के लिए टेलीफोन पर उपलब्ध कराया जा सके। यहां इन्होंने 2 साल तक काम किया और यहीं से इन्होंने अपने स्टार्टअप बिजनेस की योजना बनाई। उनके लिए ये दो साल बहुत अहम थे क्यों उन्हें लगा जो उन्होंने यहाँ सीखा वो उन्हें कोई एमबीए प्रोग्राम भी नहीं सिखा सकता। यहां उनकी मुलाकात विभिन्न व्यापारिक लाइन के उद्यमियों के साथ हुई और उनसे इन्होंने कई रणनीतियां सीखा। फिर अपनी योजना को सच करने के लिए मणि ने मित्रों के साथ मिलकर 1989 में "आस्कमी" का शुभारंभ किया।
ये कंपनी लंबे समय के लिए नहीं चली और इसका मुख्य कारण था भारत में फोन की कमी। एक रिपोर्ट के अनुसार, 1989 में केवल 1% भारतीयों के पास फोन थे। फोन की यह कम संख्या इसके बिजनेस मॉडल के लिए लाभदायक नहीं रही।
लोगों को कंपनी का नाम "आस्कमी" तो याद रहता परंतु इसका नंबर याद ना रहता। इसलिए यह प्लान जल्द ही ठप हो गया। इससे मणि निराश तो हुए पर उनकी उम्मीद नहीं टूटी। इन्होंने अपने हक के शेयरों को अपने पार्टनरों में बांट कर कंपनी छोड दी। यह किस्सा उनके कैरियर का अंत नहीं था बल्कि उनकी दूसरी दौड़ की शुरूआत थी।
निराशा के दौर से उबरने के बाद मणि ने "वेडिंग प्लानिंग" के व्यवसाय को चुना और इनके इस निर्णय में इनके परिवार ने इनका काफी सहायोग किया। इस "वेडिंग प्लानर" के व्यवसाय की शुरूआत भी इन्होंने अपने दोस्तों के साथ मिलकर 50,000 रुपये के निवेश के साथ की। हालांकि इस व्यवसाय में ये 2-3 लाख का मुनाफा कमाते रहे परंतु मणि इस काम से खुश नहीं थे। इसलिए वे दोबारा अपनी पुरानी योजना की ओर बढे।
अब तक मणि ने अपनी पिछली गलतियों से काफी कुछ सीख लिया था। और पूरे जोश के साथ उन्होंने अपने इस नए काम को आरंभ किया। मणि ने अपनी कंपनी के लिए एक अनूठा नाम रखने की बजाय एक मूल्यवान संख्या प्राप्त करने पर अधिक ध्यान दिया। इसलिए नई कंपनी के नंबर के रूप में इन्होंने 7 बार संख्या 8 को चुना।
नंबर चुनने के बाद अगला काम था डेटाबेस बनाना जिसमें विभिन्न व्यवसायों की सारी जानकारी हो। इसके लिए जस्ट डायल की टीम घर-घर तथा दुकानों व दफ्तरों में जा कर जानकारी इकट्ठा करने लगी। समय के साथ इनकी टीम ने काफी अच्छा डेटाबेस तैयार कर लिया था।
अगल काम था लोगों को अपनी डेटाबेस तक पहुंचाना। यह काम सबसे मुश्किल था क्योंकि कंपनी के पास विज्ञापन के पैसे नहीं थे। अपनी कंपनी को लोगों तक पहुंचाने के लिए इन्होंने अपने कलाइंट के कर्मचारियों को जस्ट डायल को इस्तेमाल करने के लिए अनुरोध किया।
इसके अलावा, कंपनी ने बड़े ब्रांडों और नामों के अलावा स्थानीय व्यवसायों पर भी ध्यान दिया जैसे कि प्लंबर, मोबाइल की दुकानों, पेंटर आदि। क्योंकि कंपनी जानती थी कि आम लोग इन्हें भी खोजते हैं। यह तरीका कंपनी को सफलता के मार्ग पर ले गया। जल्द की कंपनी लोक्रप्रिय हो गई और अच्छी कमाई करने लगी। इनके 10 में से हर एक ग्राहक प्रायोजित सूची के लिए सहमति जताने लगे और इस तरह कंपनी ने मुनाफा कमाना आरंभ किया।
सैफ पार्टनर्स, सेक्वाइया कैपिटल, टाइगर ग्लोबल, ईजीसीएस और एसएपी वेंचर्स ने कंपनी के विकास में रुचि दिखाई और कंपनी में निवेश किया।
जून 2012 में जस्ट डायल ने मौजूदा निवेशक सेक्वाइया कैपिटल और नीलम वेंचर्स सहित 57 मिलियन डॉलर जुटाए। इससे पहले भी, कंपनी ने जून 2011 में इन्हीं निवेशकों से 10 लाख डॉलर का निवेश जुटाया था। इस फंड को प्रबंधन द्वारा बुद्धिमानी से उपयोग किया गया, जिससे उद्योग का ब्रांड वैल्यू बढ़ गया। इस निधि नीचे उल्लिखित प्रक्रिया में किया गया था।
- कंपनी के ब्रांड को सुदृढ़ बनाना
- कंपनी के एसएमई रिश्तों का संवर्धन
- न्यू प्रोडक्ट्स एंड सर्विसेस के एक्स्टेंटीन्टीन में
- नए भौगोलिक बाजारों में विस्तार करने के लिए लाइसेंस प्राप्त करना
जस्ट डायल भारत का स्थानीय सर्च इंजन है, जो शुरू में एक वर्गीकृत वेबसाइट के रूप में शुरू हुआ था, लेकिन जल्द ही एक स्थानीय खोज इंजन में बदल गया। कंपनी पूरे देश में फैले 15 अलग-अलग कार्यालयों में 9,000 से अधिक कर्मचारियों को नियुक्त करती है। यह भारत के 2,000 से भी अधिक छोटे और बड़े शहरों को अपनी सेवा प्रदान करती है और इसके पास 12 लाख से भी अधिक का डेटाबेस है।
कंपनी को रोजाना 1. 9 मिलियन से भी अधिक कॉल आते हैं। इसके अलावा, वेबसाइट पर ऑनलाइन खोजों की संख्या वित्त वर्ष 12-13 के लिए 1125.7 मिलियन दर्ज की गई थी। हर रोज यह कंपनी प्रगति की ओर बढ़ रही है और रोजाना 1.16 मिलियन अनूठे आगंतुक इस वेबसाइट को खोजते हैं। कंपनी ने अपनी सेवाएं कनाडा, संयुक्त अरब अमीरात, यूके और यूएसए में बढ़ा दी है। अब तक, 3.4 मिलियन लोगों ने इसके ऐप को डाउनलोड किया है।
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