मुंबई देश का पहला ऐसा शहर बनने जा रहा है जिसके पास दो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे होंगे। मुंबई में नया हवाई अड्डा नवी मुंबई में बनेगा। इस हवाई अड्डे का 18 फरवरी को भूमिपूजन होगा जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्यपाल सीवी राव, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, नागरिक उड्डयन मंत्री पीए गजपति राजू, केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, समेत तमाम लोग उपस्थित रहेंगे।

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16 हजार करोड़ की लागत से बनेगा एयरपोर्ट

16 हजार करोड़ की लागत से बनने वाले इस हवाई अड्डे का 18 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूमिपूजन करेंगे। ये हवाई अड्डा नवी मुंबई में होगा। ये रायगढ़ जिले से सटा होगा और मुंबई शहर का दूसरा इंटरनेशनल हवाईअड्डा बनेगा। अभी छत्रपति शिवाजी अंतरराष्ट्र्रीय हवाईअड्डा ही विदेशों के लिए सेवा देता है, जहां यात्रियों की भीड़ अधिकतम स्तर तक पहुंच चुकी है। इससे निपटने के लिए नए हवाई अड्डे का निर्माण किया जा रहा है।

पीपीपी मोड पर होगा काम

एनएमआईए का निर्माण जीवीके पॉवर एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड द्वारा आठ जनवरी को शहर और औद्योगिक विकास निगम के साथ हुए अनुदान समझौते के आधार पर किया गया। सिडको परियोजना कार्यान्वयन की निगरानी के लिए महाराष्ट्र का नोडल प्राधिकरण है। समझौते के जरिए एक विशेष प्रयोजन 'नवी मुम्बई इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड' को स्थापित किया गया है, जिसमें जीवीकेपीआईएल अपनी सहायक कंपनी मुंबई इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से 74 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है, जबकि शेष सिडको की हिस्सेदारी है।

2017 में एयरपोर्ट के लिए बोली जीत गया था GVK

प्रारंभिक अनुदान अवधि निर्धारित तिथि से 30 साल की है, जिसे 10 साल और बढ़ाया जा सकता है। इस परियोजना के लिए जीवीकेपीआईएल को फरवरी 2017 में सफल बोलीदाता घोषित किया गया था। एनएमआईएएल एक ग्रीनफील्ड हवाईअड्डा होगा, जो मुंबई बंदरगाह पार करने के बाद नवी मुंबई की मुख्य भूमि पर 1,160 हेक्टेयर जमीन पर पीपीपी मोड के माध्यम से बनाया जाएगा। इस हवाईअड्डे के बनने से आगामी मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक, एक विशेष आर्थिक क्षेत्र और अन्य बड़े बुनियादी ढांचे के विकास को फायदा होगा।

शुरुआती खर्च सिडको उठाएगा

इस परियोजना में 26 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखने वाले सिडको हवाईअड्डे के बनने से पहले आने वाली लागत का वहन करेगा, जिसे बाद में जीवीके अपने वार्षिक राजस्व से अलग भुगतान करेगा। जीवीके इस विशाल परियोजना से होने वाले वार्षिक राजस्व में 12.6 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है।