जनवरी, 2018 तक प्रत्यक्ष कर संग्रह के अंतिम आंकड़ों से पता चला है कि इस दौरान शुद्ध संग्रह 6.95 लाख करोड़ रुपये का हुआ है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में हुए प्रत्यक्ष करों के शुद्ध संग्रह की तुलना में 19.3 प्रतिशत अधिक है।

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प्रत्यक्ष करों का शुद्ध संग्रह वित्त वर्ष 2017-18 के लिए प्रत्यक्ष करों के संशोधित अनुमानों (10.05 लाख करोड़ रुपये) का 69.2 प्रतिशत है। अप्रैल, 2017 से लेकर जनवरी, 2018 तक की अवधि के दौरान प्रत्यक्ष करों का सकल संग्रह (रिफंड के लिए समायोजन से पहले) 13.3 प्रतिशत बढ़कर 8.21 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है।

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अप्रैल, 2017 से लेकर जनवरी, 2018 तक की अवधि के दौरान 1.26 लाख करोड़ रुपये के रिफंड जारी किये गए हैं।

कॉरपोरेट आयकर (सीआईटी) के शुद्ध संग्रह की वृद्धि दर 19.2 प्रतिशत और व्यक्तिगत आयकर (पीआईटी) के शुद्ध संग्रह की वृद्धि दर 18.6 प्रतिशत आंकी गई है।