जैसी उम्मीद की जा रही थी उसी के मुताबिक RBI ने ब्याज दरों में किसी तरह की कटौती नहीं की है। आरबीआई ने रेपो रेट में भी कोई बदलाव नहीं किया है। रेपो रेट बिना बदलाव के 6.0 प्रतिशत पर है। जबकि रिवर्स रेपो रेट 5.75 प्रतिशत पर बरकरार है।
- क्रेडिट पॉलिसी में किसी तरह का बदलाव नहीं
- रेपो रेट की दरों में कोई बदलाव नहीं
- रिवर्स रेपो रेट की दरों में कोई बदलाव नहीं
- रिवर्स रेपो रेट बिना बदलाव के 5.75 प्रतिशत
- वित्तवर्ष 2019 में जीएवी 7.2 ग्रोथ रहने का अनुमान
- एम एसएफ और बैंक रेट 6.25% पर बरकरार
- अतिरिक्त लिक्विडिटी बनी रहेगी: RBI
उम्मीद के मुताबिक ही एक बार फिर रिजर्व बैंक ने नीतिगत ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। रेपो रेट 6 फीसदी और रिवर्स रेपो रेट 5.75 फीसदी पर बरकरार रखा है। मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी यानि एमएसएफ दर को 6.25 फीसदी पर बरकररार रखा है।
आरबीआई ने वित्त वर्ष 2018 के लिए जीवीए ग्रोथ का अनुमान घटा दिया है। आरबीआई ने वित्त वर्ष 2018 में जीवीए ग्रोथ का अनुमान 6.7 फीसदी से घटाकर 6.6 फीसदी किया है। वहीं, वित्त वर्ष 2019 में जीवीए ग्रोथ 7.2 फीसदी रहने का अनुमान जताया है।
आरबीआई के मुताबिक अप्रैल-सितंबर 2018 के बीच रिटेल महंगाई दर 5.1-5.6 फीसदी रहने का अनुमान है। अक्टूबर 2018-मार्च 2019 के बीच रिटेल महंगाई दर 4.5-4.6 फीसदी रहने का अनुमान है। जनवरी-मार्च 2018 के बीच रिटेल महंगाई दर 5.1 फीसदी रहने का अनुमान है। लंबी अवधि के लिए 4 फीसदी के रिटेल महंगाई दर के लक्ष्य पर कायम हैं।
आरबीआई ने क्रेडिट पॉलिसी की रिपोर्ट में कहा है कि सिस्टम में सरप्लस लिक्विडिटी जारी रहेगी। अप्रैल से बेस रेट पर तय कर्ज को एमसीएलआर से जोड़ा जाएगा। जीएसटी रजिस्टर्ड छोटे-मझौले उद्योगों के लिए एनपीए नियम सरल होंगे।
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