केंद्र सरकार अब तक की सबसे बड़ी स्पेक्ट्रम नीलामी कराने जा रही है। इसमें 30,00 MHz के रेडियवेव की नीलामी की जाएगी। केंद्र सरकार ने इस मुद्दे पर संसद को जानकारी दी। केंद्रीय टेलिकॉम मंत्री मनोज सिन्हा ने इस मुद्दे पर कहा, 'आगामी नीलामी में 3,000 MHz से ज्यादा के स्पेक्ट्रम की पहली बार नीलामी की जाएगी।'

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समाचार पोर्टल इकोनॉमिक टाइम्स ने एजेंसी के हवाले से खबर प्रकाशित करते हुए लिखा है कि, पिछली बार 2016 में ऐसी ही नीलामी हुई थी जिसमें 2,354.55 मेगाहर्ट्ज के एयरवेव की नीलामी की गई थी, इसमें 700 MHz, 800 MHz, 1800 MHz, 2100 MHz के सभी बैंड्स में नीलामी हुई है। इसका बेस प्राइस 5.63 लाख करोड़ रखा गया था। इस ऑक्शन में लगभग 60 प्रतिशत रेडियोवेव्स की नीलामी नहीं हो पाई थी।'

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मनोज सिन्हा ने आगे बताया, ' टेलिकॉम मिनिस्ट्री ने टेलिकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) से रिजर्व प्राइस और नीलमी से जुड़े अन्य मुद्दों पर सलाह मांगी है। इस बार की नीलामी में 700 MHz, 800 MHz, 900 MHz, 1800 MHz, 2100 MHz, 2300 MHz, 2500 MHz, 3300-3400 MHz और 3400-3600 MHz के फ्रीक्वेंसी बैंड्स की नीलामी की जानी है।'

5G स्पेक्ट्रम की नीलामी के एक सवाल पर सिन्हा ने कहा, ' 5G टेक्नॉलजी से संबंधित स्टैंडर्डाइजेशन का काम इंटरनैशनल टेलिकॉम यूनियन (आईटीयू) के पास चल रहा है। इसका नाम 'इंटरनैशनल मोबाइल टेलिकम्यूनिकेशन 2020' रखा गया है।'