लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स और डाओ जोंस में हुई 1100 अंको की गिरावट का साथ असर आज मंगलवाल को शेयर बाजार पर भी देखा गया। शेयर बाजार सुबह 9.16 पर 1200 अंको की गिरावट के साथ खुला। शेयर बाजार में लगातार तीन दिन से गिरावट का दौर जारी है। शुक्रवार को शेयर बाजार में 840 अंको की गिरावट देखी गई थी जिसके बाद सोमवार को 309 अंको की गिरावट देखी गई। शेयर बाजार 35 हजार से भी नीचे गिर चुका है। मंगलवार को शेयर बाजार 561 अंक गिरकर 34 हजार 195.94 पर बंद हुआ।
संवेदी सूचकांक निफ्टी-50 में भी सेंसेक्स की ही तरह गिरावट दर्ज की गई। पूरे दिन के कारोबार में निफ्ट 168.30 अंक गिरकर बंद हुआ। निफ्टी में 1.58 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। दिन का कारोबार खत्म होने पर निफ्टी 10 हजार 498.25 अंको पर बंद हुआ।
आपको बता दें कि अमेरिकी शेयर बाजार में अगस्त 2011 के बाद आई यह सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है। सोमवार के कारोबारी सत्र में डाओ जोंस 1,175.2 अंक यानी 4.6 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 24,345.75 के स्तर पर बंद हुआ। S&P 500 स्टॉक्स इंडेक्स 3.8 प्रतिशत और नेस्डेक 3.7 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए हैं। अमेरिकी बाजार अपने शिखार से 7 प्रतिशत से ज्यादा गिर चुके हैं।
आपको याद होगा कि 2008 के वित्तीय संकट के दौरान डाओ जोंस 777 अंक गिरा था। डाओ जोन्स और एस एंड पी 500 इंडेक्स ने अगस्त 2011 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। ऐसा माना जा रहा है कि महंगी बॉन्ड यील्ड ने निवेशकों की नींद उड़ा दी है। अमेरिका में बॉन्ड यील्ड 2.88 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।
वॉल स्ट्रीट की बड़ी गिरावट के बाद एशियाई बाजारों पर भी इसका बुरा असर पड़ा है। जापान का निक्कई 4.6 प्रतिशत, ऑस्ट्रेलिया के शेयर 3 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया के शेयर भी 2 प्रतिशत की गिरावट के साथ खुले। पहले से ही गिरावट से जूझ रहे भारत के शेयर बाजार पर भी इस गिरावट का बहुत ज्यादा असर पड़ा है।
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