शुक्रवार को संसद में सरकार के द्वारा यह बताया गया कि 20 दिसंबर तक 49.50 लाख जनधन खाते बंद कर दिए गए हैं। इनमें से करीब 50 प्रतिशत खाते उत्‍तर प्रदेश, मध्‍यप्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु और राजस्‍थान के थे। देश भर में करीब 31 करोड़ जनधन खाते हैं, जिनमें से 24.64 करोड़ खाते ही ऑपरेशनल हैं। इन खातों में खाताधारक ने 24 महीनों में लेनदेन किया है। आपको बता दें कि ये सारी जानकारी वित्‍त मंत्रालय की ओर से दी गई है।

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इस बारे में सरकार की प्‍लानिंग है कि सभी परिवारों में जीरो बैलेंस पर जनधन खाता खुलवाया जाए। इसे सबसे बड़ी वित्‍तीय समावेशन उपकरणों में से एक के रुप में देखा गया था, सरकार इन खातों का इस्‍तेमाल डायरेक्‍ट बेनिफिट ट्रांसफर के तौर पर करती है और खाताधारकों को एक्सिडेंट और लाइफ इंश्‍योरेंस देती है।

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आंकड़ें बताते हैं कि बंद होने वाले खातों की संख्‍या में सबसे ज्‍यादा उत्‍तर प्रदेश की है, जहां पर 9.62 लाख खाते बंद किए गए। वहीं इसके बाद मध्‍य प्रदेश में 4.44 लाख, गुजरात में 4.19 लाख, तमिलनाड़ में 3.55 लाख, राजस्‍थान में 3.11 लाख, महाराष्‍ट्र में 3 लाख, बिहार में 2.90 लाख, पंजाब में 2.28 लाख, पश्चिम बंगाल में 2.23 लाख और दिल्‍ली में 1.65 लाख खाते बंद किए गए हैं।