1 फरवरी को वित्‍त मंत्री अरुण जेटली के द्वारा आम बजट 2018 पेश किया गया। बजट के पेश होते ही किसी को निराशा हाथ लगी तो किसी को भरपूर लाभ मिला। भारत की महिलाएं देश की आधी आबादी हैं उनके लिए सरकार इस बार अच्‍छा खासा ध्‍यान दिया है। तो आइए जानते हैं कि हमारे देश की महिलाओं की झोली में क्‍या-क्‍या डाला गया।

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महिलाओं को मिलेगा 75 हजार करोड़ ऋण

महिलाओं के स्‍वयं सहायता समूह को मार्च 2019 तक 75 हजार करोड़ ऋण देने का सरकार ने प्रावधान किया है। इस बजट में ग्रामीण महिलाओं का खास ध्‍यान दिया गया है। उज्‍जवला योजना के तहत रसोई गैस कनेक्‍शन का लाभ 5 करोड़ से बढ़ाकर 8 करोड़ गरीब महिलाओं को देने की बात की गई। यह गैस कनेक्‍शन महिलाओं को नि:शुल्‍क मिलेगा।

EPF में महिलाओं का योगदान

सरकार ने कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन के अंतर्गत EPF में महिलाओं का योगदान 8 प्रतिशत कर दिया है। माना जा रहा है कि इससे सेनिटेशन पर आए बजट से शायद महिलओं को थोड़ा लाभ मिले। तो वहीं टैक्‍स स्‍लैब में बदलाव किए जाने और कार्मकाजी महिलाओं के लिए वर्किंग वूमेन हॉस्‍टल बनाकर लाभ पहुंचाने की कोशिश नहीं की गई।

मक्षली और पशुपालन के लिए 10 हजार करोड़ का फंड

महिलाओं को प्रत्‍यक्ष और अप्रत्‍यक्ष दोनों ही तरह से लाभ दिए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्र में महिलाएं बड़ी तादाद में पशुपालन से जुड़ी हुई हैं। इस बजट में मक्षली और पशुपालन पर खास जोर दिया गया। इसके लिए 10 हजार करोड़ रुपए का फंड बनाया जाएगा।

महिलाओं की गरिमा का ध्‍यान भी रखा गया

महिलाओं की गरिमा का ध्‍यान रखते हुए वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने 1.88 करोड़ शौचालय बनाने का लक्ष्‍य रखा है। तो वहीं आने वाले बजट 2019 तक ग्रामीण क्षेत्रों में 51 लाख घर बनाए जाएंगे इसमें महिलाएं भी लाभान्वित होंगी।