आम बजट में मिडिल क्लास के लोगों के लिए, स्वास्थ्य, बचत और कई क्षेत्रों के लिए नई योजनाओं की सौगात दी है। इनमें मछुआरों से लेकर किसान तक के लिए फायदे को देखा गया है। तो आइए जानते हैं वो योजनाएं कौन-कौन सी हैं।
देश के 10 करोड़ परिवारों को 5 लाख रुपए के बीमा कवर की योजना का भी ऐलान किया गया है। आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज के लिए 5 लाख रुपए तक का बीमा कवर साल मे मिलेंगे। अब तक राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत साल में 30,000 रुपए का बीमा कवर ही मिलता था। इस लिहाज से यह बड़ा इजाफा है।
किसान क्रेडिट कार्ड के तर्ज पर मछुआरों और पशुपालकों को भी कार्ड दिए जाने का ऐलान किया गया है। इससे उन्हें कर्ज लेने में आसानी होगी। सरकार का कहना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादन का कारोबार करने वालों को मदद मिलेगी। इसके अलावा मत्स्य पालन से जुड़े लोगों आर्थिक सहायता मिलेगी।
सरकार ने ग्रामीणों के लिए एक नई योजना गोबर-धन की घोषणा की है। इस योजना के तहत गोबर और खेतों के ठोस अपशिष्ट पदार्थों को कंपोस्ट, बायो-गैस और बायो-सीएनजी में बदला जाएगा। बजट पेश करने के दौरान जेटली ने कहा कि समावेशी समाज निर्माण के दृष्टिकोण के तहत सरकार ने विकास के लिए 115 जिलों की पहचान की है।
केंद्र सरकार राष्ट्रीय आवास बैंक के साथ मिलकर एक किफायती आवास निधि बनाएगी। सरकार की योजना है कि 2022 तक सभी के पास अपना एक घर हो। इसके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मौजूदा और अगले वित्त वर्ष में ग्रामीण क्षेत्रों में एक करोड़ से अधिक घरों का निर्माण किया जा रहा है।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने राष्ट्रीय बांस मिशन का प्रस्ताव भी पेश किया है। इस स्कीम के तहत 1,290 करोड़ रुपए की राशि आवंटित की जाएगी। इससे बांस की पैदावार को एक उद्योग के तौर पर विकसित करने में मदद मिलेगी।
इस योजना के साथ सरकार ने ग्रामीण इलाकों में बिजली कनेक्शनों की संख्या को 4 करोड़ परिवारों तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। यह स्कीम पीएम मोदी की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है।
नावोदय स्कूलों की तर्ज पर 2022 तक अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए एकलव्य स्कूलों की स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा कि 50 प्रतिशत से अधिक जनजाति वाले क्षेत्रों और 20,000 आदिवासी लोगों वाले प्रत्येक ब्लॉक में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों की स्थापना की जाएगी। ये स्कूल नावोदय स्कूल का हिस्सा होंगे और यहां खेल और कौशल विकास में प्रशिक्षण देने के अलावा स्थानीय कला और संस्कृति के सरंक्षण की भी विशेष सुविधाएं होंगी।
बजट के दौरान पीएफ फेलोशिप योजना का भी ऐलान किया गया। इसके तहत एक हजार बी टेक छात्रों को आईआईटी और आईआईएससी में पीएचडी करने का अवसर प्रदान किया जाएगा।
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