आज 1 फरवरी को वित्तमंत्री अरुण जेटली मोदी सरकार का चौथा आम बजट पेश करेंगे। अब से कुछ देर बाद वित्तमंत्री सदन में आम बजट पढ़ेंगे। खास बात ये है कि ये दूसरा मौका होगा जब आम बजट और रेल बजट दोनों एक साथ पेश किए जाएंगे। 2017 से रेल बजट को आम बजट में जोड़ दिया गया और अलग से पेश किए जाने वाले रेल बजट की प्रथा को समाप्त कर दिया गया। आम आदमी को साल 2018 के आम बजट से बहुत उम्मीदें हैं वहीं टैक्स देने वाला तबका वित्तमंत्री से राहत की आस लगाए बैठा हुआ है।
पिछले बजट में वित्तमंत्री ने करदाताओं को थोड़ी राहत दी थी जिसमें उन्होंने टैक्स स्लैब में छूट का एलान किया था। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2.5 लाख रुपए और 5 लाख रुपए के बीच की व्यक्तिगत आय पर टैक्स की दर को 10 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत के स्तर पर लाने की घोषणा की थी।
ऐसी आशा की जा रही है कि आम आदमी और छोटे उद्यमियों के हाथ में खरीदने की ज्यादा क्षमता प्रदान करने के लिए सरकार टैक्स स्लैब में बदलाव कर सकती है। जानकारो के मुताबित सरकार टैक्स छूट की वार्षिक सीमा 2.5 लाख से बढ़ाकर 3 लाख कर सकती है।
बजट से एक महीने पहले लोक लुभावन बजट के आने की खबरें आने लगी हैं, मगर मोदी सरकार की तरफ से ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है। हालांकि राष्ट्रपति के बजट से पहले दिए गए अभिभाषण से ऐसा ही लगा कि बजट गरीबों के लिए और महंगाई को रोकने वाला होगा।
लोगों ने ये भी अनुमान लगाया है कि 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले सरकार बजट के जरिए जनता को झटका देने का नुकसान नहीं उठा सकती है। ऐसे में बजट के लोकलुभावन होने की संभावना बढ़ सकती है। रेल बजट को लेकर कुछ अच्छे एलान हो सकते हैं लोगों को किराया कम होने की उम्मीदें हैं।
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