इस बार बजट में ज्‍वेलर्स को राहत मिल सकती है। ऐसी खबरें आ रही हैं कि नीति आयोग में गठित वातल कमिटी ने वित्‍त मंत्रालय को सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी कम करने का सुझाव दिया है। सुझाव ये भी है कि सरकार सोने पर लॉन्‍ग टर्म पॉलिसी बनाए और इसके लिए गोल्‍ड बोर्ड और बुलियन एक्‍सचेंज शुरु किया जाए। वैसे सिफारिशें बहुत हैं और इससे पहले भी होती रही हैं, लेकिन काले धन और वर्तमान अकाउंट घाटा बढ़ने की आशंका से सरकार इस सेक्‍टर को पिछले कई सालों से नजरअंदाज करती रही है। तो क्‍या इस बजट में सोने के दिन वापस लौटेंगे।

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नीति आयोग ने भी सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी घटाने का सुझाव दिया है। लेकिन वातल कमिटी का इंपोर्ट ड्यूटी खत्‍म करने का सुझाव है जिसे वित्‍त मंत्रालय के पास भेजा गया है। फिलहाल सोने पर 10 प्रतिशत इंपोर्ट ड्यूटी लगती है।

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आपको बता दें कि सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी खत्‍म करने के लिए वातल कमिटी वित्‍त मंत्रालय के तहत गोल्‍ड बोर्ड बनाएं जाने की सिफारिश की है। इस बोर्ड के तहत सोने से जुड़ी सभी पॉलिसी गोल्‍ड बोर्ड में लाई जाए। साथ ही सोने की खरीद-बिक्री के लिए बुलियन एक्‍सचेंज बने।

तो वहीं सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी घटाकर 4 प्रतिशत करने की डिमांड ज्‍वेलेर्स कारोबारियों की ओर से की जा रही है। ज्‍वेलर्स कारोबारियों की डिमांड है कि सरकार ज्‍वेलरी के एक्‍सपोर्ट बढ़ाने पर फोकस दें क्‍योंकि करीब 80 प्रतिशत सोने की ज्‍वेलरी बनाने में इस्‍तेमाल किया जाता है।