पेट्रोल, डीजल के दाम में आज फिर उछाल दर्ज किया गया। NDA सरकार के 2014 में सत्ता में आने के बाद दोनों पेट्रोलियम उत्पापदों का यह उच्चतम स्तर है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने दाम में तेजी को देखते हुए उत्पाद शुल्क कटौती की मांग की है। वहीं वित्तमंत्रालय भी ये उम्मीद जताई है कि जल्द ही जीएसटी काउंसिल पेट्रो पदार्थों को जीएसटी के अंतरगत लाएगी।
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों की ईंधन कीमत सूची के अनुसार दिल्ली में पेट्रोल का भाव बढ़कर 72.38 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया। मार्च 2014 के बाद यह इसका सबसे ऊंचा स्तर है। दिसंबर मध्य से कीमत में 3.31 रुपये लीटर की वृद्धि हुई है। आज जहां पेट्रोल का दाम 15 पैसे प्रति लीटर बढ़ा वहीं डीजल 19 पैसे महंगा हुआ। मुंबई में पेट्रोल की कीमत 80 रुपये के आंकड़े को पार कर गई है। जबकि मुंबई में डीजल का भाव 67.30 रुपये लीटर पर पहुंच गया है। इसका कारण स्थानीय बिक्री कर (वैट) का अधिक होना है।
तेल कंपनियों के अनुसार दिसंबर- मध्य से डीजल में 4.86 रुपये लीटर की वृद्धि हुई है। अंतरराष्ट्रीय तेल बाजारों में दाम में तेजी को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय से 2018-19 के केंद्रीय बजट में उत्पाद शुल्क में कटौती की मांग की है। संसद में बजट अगले सप्ताह पेश किया जाएगा।
पेट्रोलियम सचिव केडी त्रिपाठी ने कल कहा था कि मंत्रालय ने उद्योग से मिले सुझाव के आधार पर सिफारिशें विचार के लिये भेजीं हैं। हालांकि, उन्होंने इस बारे में कोई ब्योरा देने से मना कर दिया।
केंद्र सरकार पेट्रोल पर 19.48 रुपये प्रति लीटर तथा डीजल पर 15.33 रुपये प्रति लीटर उत्पाद शुल्क लेती है। जबकि दिल्ली में पेट्रोल पर वैट (मूल्य वर्द्वित कर) 15.39 रुपये और डीजल पर 9.32 रुपये है।
दो प्रमुख मानक ब्रेंट और अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड आज बढ़कर क्रमश: 69.41 डालर प्रति बैरल तथा 63.99 डालर प्रति बैरल पर पहुंच गये। पिछले साल जून से पेट्रोल और डीजल की कीमत दैनिक आधार पर संशोधित की जा रही है।
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