GST के अंतर्गत माल ढुलाई के लिए ई-वे बिल का ट्रायल रन आज से शुरु हो गया है। केंद्र सरकार ने समय से पहले इसे भले ही शुरु कर दिया हो लेकिन इसकी सफलता को लेकर राज्‍यों में अभी भी संदेह है। आज से इसका ट्रायल शुरु होगा तो वहीं 1 फरवरी से यह लागू कर दिया जाएगा।

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मौजूदा सिस्‍टम में रोजाना 50 लाख ई-वे बिल की क्षमता है। वहीं आगे रोजाना 10 लाख इंटर-स्‍टेट और 35-40 लाख इंट्रास्‍टेट ई-वे बिल की उम्‍मीद है।

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तो दूसरी ओर बिहार के उपमुख्‍यमंत्री ने जीएसटी काउंसिल को चिट्टी लिखकर ई-वे बिल से जुड़ी समस्‍या को तुरंत दूर करने के इंतजाम करने को कहा है। 24 घंटे काम करने वाला हेल्‍पडेस्‍क बनाए जा जाने की मांग की गई है। इसके अलावा हालात से निपटने के लिए स्‍टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रक्रिया बनाए जाने के लिए कहा गया है।

अलग ई-वे बिल के लिए अलग मैन्‍युअल बनाए जाने की मांग की गई है। ई-वे बिल जेनरेट नहीं होने पर भी ढुलाई जारी रहने की मांग की है। ई-वे बिल से जुड़े मामलों के लिए एक नोडल ऑफिसर नियुक्‍त करने की भी मांग की गई है। ई-वे बिल क्‍या है और यह किस तरह से काम करता है?