बिटकॉइन और इस प्रकार की क्रिप्टोकरेंसी आभाषी मुद्रा हैं। इसे वर्चुअल करेंसी कहते हैं। इसका सारा काम डिजिटल होता है। कंप्यूटर और मोबाइल के माध्यम से इस करेंसी में निवेश किया जाता है। पिछले लगभग एक दशक के दौरान बिटकॉइन के चलन में काफी तेजी आई है।
इसका कोई भौतिक अस्तित्व नहीं है। न ही आपको इसकी कोई रसीद मिलती है, न ही कोई जमा खाता नंबर और न ही कोई पासबुक होती है।
क्रिप्टोकरेंसी दो लोगों के बीच का लेन-देन है। कोई रिकॉर्ड केंद्र नहीं होता है। इसका उपयोग ड्रग्स सप्लाई, कालाबाजारी और तस्करी में हो सकता है।
ब्लॉकचेन पर आधारित क्रिप्टोकरेंसी को हैक करना आसान नहीं है। साथ ही आज तक बिटकॉइन के हैक होने की कोई घटना सामने नहीं आई है।
ब्लॉकचेन की ऑथेंटिकेशन की जानकारी से यदि कोई आपकी क्रिप्टोकरेंसी चुरा ले तो आपके पास इस बारे में कोई शिकायती विकल्प नहीं बचता है।
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