सातवां वेतन आयोग सबसे एक लिए एक अच्‍छी उम्‍मीदें लेकर आया है। फिर चाहे वो मिडिल क्‍लास के लोग हों या बड़े-बड़े अफसर और अधिकारियों की बात हो। सरकार ने हर कैटेगरी के लोगों को इस वर्ष अच्‍छा खासा बोनस देने और सैलरी को बढ़ाने का काम किया है। इसी लिस्‍ट में इलाहाबाद हाईकोर्ट और लखनऊ खंडपीड के चीफ जस्टिस भी शामिल हैं। तो आइए जानते हैं उनकी सैलरी के बारे में विस्‍तार से-

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7वें वेतन आयोग के सिफारिशों से मिलेगी सैलरी

इलाहाबाद हाईकोर्ट और लखनऊ खंडपीड में कार्यरत न्‍यायाधीशों के लिए एक महत्‍वपूर्ण खुशखबरी है। हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस की सैलरी 1,00,000 रुपए से बढ़कर 2.80 लाख रुपए प्रतिमाह हो गई है। उन्‍हें जल्‍द ही सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरुप सैलरी मिलने लगेगी। लोकसभा में सुप्रीम कोर्ट और देश के 24 हाई कोर्ट के जजों की सैलरी में बढ़ोत्‍तरी वाला बिल पास हो गया है।

1 जनवरी 2016 से होगी लागू

माना जा रहा है कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत बढ़ी हुई सैलरी न्‍यायाधीशों के लिए 1 जनवरी 2016 से लागू हो गई है। गौरतलब है कि जब यह बिल संसद से पास होने के बाद एक कानून बन जाएगा तक यूपी के चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया की सैलरी 1 लाख रुपए से बढ़कर 2.80 लाख रुपए महीने हो जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट के जज की सैलरी भी बढ़ेगी कुछ इस तरह

तो वहीं सुप्रीम कोर्ट के जज, हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की सैलरी भी 90,000 रुपए महीने से बढ़कर 2.50 लाचा रुपए महीने हो जाएगी। यह बिल लोकसभा में तो पास हो गया है लेकिन इसे अभी राज्‍य सभा से मंजूरी नहीं मिली है लेकिन राज्‍य सभा में मंजूरी मिल जाएगी।

इंतजार करना होगा बजट सत्र का

इस 5 जनवरी को राज्‍य सभा का शीतकालीन सत्र समाप्‍त हो चुका है। अब इसके लिए 30 जनवरी से शुरु होने वाले बजट सत्र तक का इंतजार करना होगा। फिर भी जल्‍द ही इसके लागू होने की उम्‍मीद है।