सर्वोच्च न्यायालय (SC) ने बुधवार को जेपी एसोसिएट्स को निर्देशानुसार 125 करोड़ रुपये जमा करने का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि निर्देश के पालन में विफल रहने पर उसे अदालत की अवमानना का दोषी ठहराया जाएगा और तिहाड़ जेल भेजा सकता है।
यह राशि 2,000 करोड़ रुपये का हिस्सा है, जिसे शीर्ष अदालत ने जेपी एसोसिएट्स को रजिस्ट्री के पास जमा करने को कहा है। इस राशि से जेपी इंफ्राटेक से घर खरीदने वालों के पैसे वापस किए जाएंगे। जेपी एसोसिएट्स को 25 जनवरी तक 125 करोड़ रुपये जमा करने हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने जेपी को जल्द से जल्द 125 करोड़ रुपये जमा करवाने का निर्देश भी दिया है। यह भी कहा गया कि अगर जेपी पैसे देने में विफल होता है तो इसे कोर्ट की अवमानना समझा जाएगा, जिसके लिए उससे जुड़े लोगों को तिहाड़ भी भेजा जा सकता है।
दरअसल, यह पैसा उन दो हजार करोड़ रुपये का हिस्सा है जिसको देने का ऑर्डर सुप्रीम कोर्ट ने पहले दिया था। यह पैसे जेपी द्वारा बनाई जा रहीं सोसाइटीज में घर खरीदने वाले उन लोगों को लौटाया जाएगा जिन्हें अबतक घर नहीं मिला है। जेपी को 25 जनवरी तक 125 करोड़ रुपये देने होंगे।
प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए.एम. खानविलककर व न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ की पीठ ने जेपी एसोसिएट्स को अपने द्वारा विकसित की जा रही सभी आवासीय परियोजनाओं का ब्योरा देते हुए एक हलफनामा दाखिल करने का भी निर्देश दिया है।
अदालत ने कहा कि वह भारतीय रिजर्व बैंक के जेपी एसोसिएट्स के खिलाफ दिवाला व दिवालियापन संहिता (आईबीसी) के तहत कार्यवाही शुरू करने की मांग के आवेदन पर बाद में विचार करेगी।
More Articles
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान