फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) के नियमों में बदलावों को बुधवार को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई। इसमें सिंगल ब्रैंड रीटेल में ऑटोमैटिक रुट से 100 प्रतिशत FDI को मंजूरी दी गई है। पहले 49 प्रतिशत तक निवेश की अनुमति थी, इससे ज्यादा के निवेश के लिए सरकार की इजाजत चाहिए होती थी। एविएशन, कंस्ट्रक्शन सेक्टर में भी एफडीआई के नियमों में ढील दी गई है।
कंस्ट्रक्शन सेक्टर में भी ऑटोमैटिक रुट से 100 प्रतिशत विदेशी निवेश को मंजूरी दे दी गई है। वहीं एयर इंडिया के लिए 49 प्रतिशत निवेश की मंजूरी दी गई है। माना जा रहा है कि इससे एयर इंडिया में विनिवेश करने में आसानी होगी। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार एयरइंडिया की बड़ी हिस्सेदारी भारतीय नागरिक के हाथों में बनी रहेगी। रिर्पोट में यह भी बताया गया है कि एयर इंडिया मंत्रिमंडल ने सरकारी प्रस्ताव को मंजूरी भी दे दी है।
आपको बता दें कि 2014 में सिंगल ब्रैंड रीटेल में 100 प्रतिशत एफडीआई को मंजूरी दी गई थी। तब नाइक जैसी कई बड़ी ग्लोबल कंपनियों ने भारत का रुख किया था।
सिंगल ब्रैंड रीटेल में ऑटोमैटिक रुट से 100 प्रतिशत एफडीआई की इजाजत दी जाने का विरोध शुरु हो गया है।
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