रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी ने 10 साल बाद कोई इंटरव्यू दिया है। उनके इस इंटरव्यू में तमाम ऐसी बातें सामने निकल कर आई हैं जिसे जानने के बाद आपको भी हैरानी होगी। ये इंटरव्यू अंग्रेजी समाचार पत्र ईटी द्वारा किया गया है।
अनिल अंबानी से ज्यादा चर्चा इन दिनों रिलायंस कम्युनिकेशन के शेयरों की है। 45 हजार करोड़ रुपए के कर्ज तल दबे अनिल अंबानी ने जैसे ही कर्ज खत्म करने की बात कही वैसे ही आरकॉम के शेयरों में तेजी देखी गई। 11 रुपए से बढ़कर आरकॉम के शेयर्स 38 रुपए तक पहुंच गया। फिलहाल आरकॉम के शेयर 32 रुपए के आस-पास चल रहे हैं। हालांकि कर्ज खत्म करने के लिए अनिल अंबानी को अपना वायरलेस बिजनेस बेचना पड़ा। रिलायंस इंफ्रा का सौदा अडानी से करना पड़ा। फिर भी इन सबके बीच अनिल अंबानी पहले से मजबूत हो कर निकले हैं और वह भविष्य में बड़ा कारोबार करने की संभावना तलाश रहे हैं।
अनिल अंबानी ने इकोनॉमिक टाइम्स से बात करते हुए कहा कि, उनके बुरे वक्त में पता चल गया कि उनका सच्चा दोस्त कौन है। अनिल अंबानी ने कहा कि ये उनका मुश्किल वक्त था, जिसमें कुछ ही लोगों ने उनका साथ दिया था। इस दौरान अनिल अंबानी ने ये भी बताया कि कई लोग उनके फोन कॉल्स का जवाब नहीं देते थे, वो लोग उनके साथ कोई रिश्ता नहीं रखना चाहते थे।
अनिल अंबानी ने अपने इंटरव्यू में आगे कहा कि, ऐसे में वक्त में पता चल जाता है कि आपके साथ कौन है और कौन नहीं। वहीं 2जी केस में बरी किए जाने पर उन्होंने कहा कि अंत में सच्चाई की ही जीत होती है। उन्होंने कहा कि किसी कंपनी या व्यक्ति को बिना बात शर्मसार नहीं करना चाहिए और ना ही झूठे आरोप लगाए जाने जाने चाहिए, साख बनाने में कई साल लगते हैं और ये पल भर में खत्म हो सकती है।
ईटी के अनिल अंबानी से सवाल किया कि क्या उन्हें अमीर और मशहूर होने की कीमत चुकानी पड़ी तो इस सवाल का जवाब देते हुए अनिल अंबानी ने कहा कि ना तो वो अमीर हैं और ना ही मशहूर। अनिल अंबानी को अपना वायरलेस बिजनेस बेचने का अफसोस नहीं है। हालांकि उन्होंने एयरटेल, वोडाफोन और एयरसेल के साथ मर्ज करने की संभावनाएं खोजी थीं लेकिन अनिल सफल नहीं हो पाए।
अनिल अंबानी ने ईटी से हुई बात-चीत में कहा कि, 'मुश्किल घड़ी को हमने एक अवसर में बदलने की कोशिश की, हमने मोबिलिटी बिजनेस से निकलने का फैसला किया क्योंकि उसमें हमें नुकसान हो रहा था। आपको बता दें कि आरकॉम ने वायरलेस बिजनेस को मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो इंफोकॉम को 24,000 करोड़ रुपए में बेचने का एग्रीमेंट किया है।
अंबानी ने द इकॉनमिक टाइम्स से साक्षात्कार में कहा, "कंपनी के पास आनेवाले कुछ महीनों में एक मजबूत साझीदार भी होगा।" अंबानी ने कहा, "नया आरकॉम ज्यादा मजबूत होगा और देश का सबसे बड़ा बी2बी कारोबार होगा। आईडीसी (अंतर्राष्ट्रीय डेटा सेंटर) शुरू होने को है। इसमें विशाल अवसर है। इसमें भारत के लिए 400 अरब डॉलर के अवसर हैं और हमारे लिए भी अवसर है।"
अंबानी ने पिछले महीने आरकॉम के कर्ज का पूर्ण समाधान हासिल किया था और संपत्तियों की बिक्री कर कंपनी के कर्ज को 25,000 करोड़ रुपये से घटाकर 6,000 करोड़ रुपये करने में सफलता पाई थी। अंबानी ने कहा, "मैंने डीओटी (दूरसंचार विभाग) से कहा था कि मैं दूरसंचार क्षेत्र से नहीं निकल रहा हूं। मैं केवल मोबाइल कारोबार बंद कर रहा हूं। हम क्लाउड, आईओटी (इंटरनेट ऑफ थिंग्स), डेटा सेंटर्स, सबमरीन केबल्स कारोबार में हैं।"
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