भारतीय मसाले पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हैं और अब भारत मसालों का निर्यात भी बढ़ा रहा है। दुनियाभर में भारतीय मसालों की मांग बढ़ी है। इस कारण से अप्रैल-सितंबर 2017 के दौरान देश से कुल 8,850.53 करोड़ रुपए मूल्य के 5,57,525 टन मसालों एवं मसाला उत्पादों का निर्यात किया गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि के दौरान 8,700.15 करोड़ रुपए के 4,50,700 टन मसालों का निर्यात हुआ था।
अगर देखा जाए तो मसालों के उत्पादन में 24 फीसदी की और दाम में दो फीसदी की तेजी दर्ज की गई है। स्पाइसेस बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. ए. जयतिलक ने कहा कि भारतीय मसालों में मिर्च, जीरा, हल्दी, इलायची, लहसुन और मिंट उत्पाद सबसे ज्यादा मांग वाले हैं और वैश्विक बाजारों में गुणवत्ता वाले मसालों की बढ़ती मांग को ये मसाले पूरा करते हैं। उन्होने कहा, "इसके अलावा, इन मसालो को बढ़ावा देने के लिए बोर्ड की ओर से किए गए प्रयासों से भी निर्यात में काफी बढ़ोत्तरी हुई है।"
स्पाइसेस बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. ए. जयतिलक ने कहा कि, "सबसे अधिक संतोषजनक बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हो रहे उतार-चढ़ाव तथा दुनिया भर के देशों के कड़े खाद्य सुरक्षा नियमों के बावजूद भारतीय मसालों और मसाला उत्पादों का निर्यात निरंतर बढ़ रहा है।"
मिर्च ने 2,125.90 करोड़ रुपए के मूल्य के 2,35,000 टन के निर्यात के साथ सबसे अधिक मांग वाले मसाले के रूप में अपनी स्थिति बरकरार रखी, जबकि पिछले वित वर्ष में इसका 1,65,022 टन निर्यात हुआ था। इस तरह इसकी मात्रा में 42 फीसदी की वृद्धि दर्ज हुई है।
मिर्च के बाद जीरे का नंबर आता है, जिसका 1324.58 करोड़ रुपए मूल्य के 79,460 टन निर्यात हुआ है, जबकि पिछले साल इसी अवधि के दौरान 1,104.32 करोड़ रुपए मूल्य के 68,596 टन का निर्यात हुआ था। इस तरह मात्रा में 16 फीसदी और मूल्य में 20 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। हल्दी का 547.63 करोड़ रुपए के 59,000 टन का निर्यात हुआ। हालांकि मिंट उत्पादों के मामले में 1317.40 करोड़ रुपए मूल्य के 11,280 टन का निर्यात हुआ, जबकि पिछले वित वर्ष की इसी अवधि के दौरान 1,157.45 करोड़ रुपए के 10,850 टन का निर्यात हुआ था।
मूल्यवर्धित उत्पादों के मामले में, करी पाउडर/पेस्ट का निर्यात पिछले वर्ष के 14,016 टन (278.40 करोड़ रुपए) के मुकाबले 348.88 करोड़ रुपए मूल्य के 17,030 टन का था और इस तरह मात्रा में 22 फीसदी तथा मूल्य में 25 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।
इस अवधि के दौरान कुल 8,800 टन मसाला-तेल और तैलीरालों का निर्यात हुआ, जिसका मूल्य 1332.22 करोड़ रुपया था, जबकि पिछले वर्ष 1237.06 करोड़ रुपए मूल्य के 6,617 टन का निर्यात हुआ था और इस तरह मात्रा में 33 फीसदी और मूल्य में आठ फीसदी की वृद्धि हुई।
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