दूरसंचार सेवाप्रदाता कंपनियों के बीच अक्सर विवाद का विषय बनने वाले इंटरनेक्टिविटी के मुद्दे का समाधान करने के लिए दूरसंचार नियामक ट्राई ने आज एक व्यवस्था दी। इसके तहत किसी सेवाप्रदाता के नेटवर्क कनेक्टिविटी का आवेदन प्राप्त होने 30 दिन के भीतर कंपनियों को बिना किसी भेदभाव के इंटरनेक्टिविटी समझौता करना होगा।
इंटरकनेक्टिविटी से आशय एक कंपनी के नेटवर्क का कॉल दूसरे कंपनी के नेटवर्क से जुड़ने से है। ट्राई ने नए नियमों का उल्लंघन करने पर प्रत्येक सेवा क्षेत्र देश भर में कुल 22 सेवाक्षेत्र हैं में प्रति दिन एक लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया है।
भारतीय दूरसंचार नियामक एवं विकास प्राधिकरण ट्राई ने आज दूरसंचार इंटरकनेक्शन विनियमन-2018 जारी किए। इसमें नेटवर्क कनेक्टिविटी समझाौते के विविध नियमों को शामिल किया गया है। इसमें पॉइंट ऑफ इंटरकनेक्ट की वृद्धि, प्रारंभिक स्तर पर इस तरह की कनेक्टिविटी के प्रावधान, लागू शुल्क, इंटरकनेक्ट वाले पॉइंट को हटाना और इंटरकनेक्शन मुद्दों पर वित्तीय हतोत्साहन इत्यादि के नियम को शामिल किया गया है।
ट्राई ने एक बयान में कहा कि यह नियम एक फरवरी 2018 से प्रभावी होंगे और भारत में दूरसंचार सेवा देने वाली सभी कंपिनयों को इन नियमों का पालन करना होगा।
दूरसंचार नियामक ने कहा, इन नियमों के तहत प्राधिकरण ने व्यवस्था दी है कि हर सेवा प्रदाता को किसी सेवा प्रदाता से इंटरकनेक्ट का अनुरोध प्राप्त होने के बाद 30 दिन के भीतर बिना किसी भेदभाव के आधार पर समझौता करना होगा।
More Articles
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान