नए साल पर SBI ने बड़ी खुशखबरी दी है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपने ग्राहकों को बड़ी राहत देते हुए लोन पर बेस रेट में कटौती की है। एसबीआई ने इसमें 30 बेसिस प्वाइंट्स की कटौती की है।
मौजूदा दौर में एसबीआई का बेस रेट सभी बैंको से कम है। बेस रेट में कटौती के बाद ये 8.65 प्रतिशत हो गया है। इसका सबसे ज्यादा फायदा ऐसे लोगों को मिलेगा जिन्हें घर के लिए कर्ज लेना है या फिर एजुकेशन के लिए लोन लेना है। एसबीआई से होम लोन और एजुकेशन लोन लेने वाले लोगों की तादाद सबसे ज्यादा है।
इससे पहले एसबीआई ने 2017 में 28 सितंबर को बेस रेट में 5 बेसिस प्वाइंट बढ़ा दिए थे। आरबीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2014 दिसंबर और नोटबंदी से पहले अक्टूबर 2016 से पहले बैंको का बेस रेट औसतन 0.61 फीसदी कम हुआ था। जबकि बैंको की पॉलिसी रेट में 1.75 प्रतिशत की कमी की गई थी।
एसबीआई ने अपने बेस में कटौती करते हुए इसे 8.95 फीसदी से घटाकर 8.65 फीसदी कर दिया है। नई दरें 1 जनवरी 2018 से लागू हो गई है। बेस रेट में कटौती का फायदा बैंक के पुराने होम लोन, ऑटो लोन और पसर्नल लोन होल्डर्स को होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि 1 अप्रैल 2016 से पहले सभी बैंक एमसीएलआर पर लोन दे रहे हैं।
आपको बता दें आरबीआई ने बैंकों की ब्याज दरों को तय करने के लिए एमसीएलआर की शुरुआत की है। ऐसे में जिन ग्राहकों ने 1 अप्रैल 2016 से पहले बेस रेट पर लोन दिया है, यानी पुराने लोन होल्डर्स को ही बेस प्राइस में कटौती का फायदा होगा। आपको बता दें कि इससे पहले सितंबर 2017 में बेस रेट में 0.05 फीसदी की कटौती की थी।
मार्जिनल कॉस्ट बेस्ड लेंडिग रेट के तहत बैंक ब्याज दर तय कर सकते हैं, यह दर लोन चुकाने के लिए कितने साल बाकी हैं उस पर भी निर्भर करेगी।
More Articles
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान