गुजरात और हिमाचल चुनावों के परिणाम आ चुके हैं, बीजेपी दोनों ही राज्यों में सरकार बनाने जा रही है। गुजरात और हिमाचल प्रदेश में चुनाव से पहले कांग्रेस ने पूरे जोर-शोर के साथ नोटबंदी और GST का मुद्दा उठाया। पर नतीजे कुछ और ही कहानी कह रहे हैं। गुजरात और हिमाचल दोनों ही जगह नोटबंदी और जीएसटी का मुद्दा बेअसर रहा है। बीजेपी ने दोनों राज्यों में बहुमत के आंकड़ों को पार कर लिया है। बीजेपी की जीत के पीछे कुछ बड़े कारण शामिल रहे जिनके बारे में हम आपको यहां बताएंगे।
नोटबंदी के मुद्दे पर कांग्रेस ने गुजरात और हिमाचल में काफी हवा बना ली थी। कांग्रेस की रैली में बढ़ती भीड़ और ग्रामीण अंचलों में उसे मिल रहे समर्थन से एक बार ऐसा लगा कि शायद लोग नोटबंदी के फैसले से नाराज हैं और वह इस चुनाव में बीजेपी के खिलाफ वोट करें पर ऐसा हुआ नहीं, हालांकि ग्रामीण इलाकों में कांग्रेस आगे है पर बहुमत बीजेपी के साथ है। यहां ये स्पष्ट रुप से समझा जा सकता है कि नोटबंदी का मुद्दा लोगों के लिए बेअसर साबित हुआ।
कांग्रेस के तत्कालीन उपाध्यक्ष और वर्तमान अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुजरात चुनावों के बीच एक रैली में GST को गब्बर सिंह टैक्स का नाम दिया था। जीएसटी के मुद्दे को कांग्रेस इसलिए भुनाना चाह रही थी क्योंकि सूरत में व्यापारियों ने जीएसटी के टैक्स स्लैब को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया था जिससे कांग्रेस अपने पक्ष में करना चाह रही थी पर ऐसा हुआ नहीं। व्यापारियों का एक बड़ा वर्ग बीजेपी के साथ ही रहा और सूरत विधान सभा की 12 सीटों पर बीजेपी ने जीत दर्ज की है।
कांग्रेस ने पाटीदार आरक्षण को भी बड़ा मुद्दा बनाया था लेकिन उसमें भी वह बीजेपी से मात खा गई। पाटीदार बहुल 39 सीटों में से 21 पर बीजेपी ने बाजी मारी जबकि बाकी सीटें कांग्रेस के पक्ष में गईं।
चुनावों से पहले कांग्रेस ने गुजरात में हुए विकास के कार्यों पर एक जुमला उछाला जिसमें विकास को पागल बताया। कांग्रेस ने अपनी रणनीति में जनता के सामने ये प्रस्तुत करने की कोशिश कि, की गुजरात में अगर विकास हुआ है तो वह दिखता क्यों नहीं है। वहीं बीजेपी ने इसके तोड़ में एड कैंपेन के जरिए मैं हूं विकास और मैं हूं गुजरात का नारा दिया। विकास पागल है कि तुलना में मैं हूं विकास का नारा लोगों को ज्यादा सटीक लगा। जिसका असर परिणामों में भी नजर आया।
गुजरात चुनावों के परिणामों पर विदेशी निवेशकों और गुजरात के इन्वेस्टर्स की नजर थी। ये दिलचस्प रहा कि जब शुरुआती रुझानों में कांग्रेस बहुमत की तरफ बढ़ती दिखी तो शेयर बाजार में 700 अंको की बड़ी गिरावट देखी गई। हालांकि कुछ ही वक्त बाद बीजेपी ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया तो शेयर बाजार ने तेज रिकवरी की और फिर एक बड़ी बढ़त की तरफ भी बढ़ा।
इसमें कोई दो-राय नहीं कि देश और गुजरात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक क्रेज है और वह लगातार बरकरार है। यही कारण है कि बीजेपी को युवाओं का वोट बड़ी संख्या में मिला है। वहीं पीएम मोदी भी जब भी मौका मिलता है तो वह युवाओं से जरूर मिलते हैं। आगे देखिए पीएम मोदी के साथ युवाओं और यूथ अइकॉन के साथ की तस्वीरें।
पीएम मोदी के चेहरे का टैटू अपनी बांह पर बनवाती एक युवती।
तस्वीरें सभार-पीटीआई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव, वीवीएस लक्ष्मण व अन्य।
तस्वीरें सौ- पीटीआई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ओलिंपिक पदक विजेता खिलाड़ी।
तस्वीरें सभार-पीटीआई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पैरालंपिक खेलों में पदक विजेता खिलाड़ियों के साथ की मुलाकात।
तस्वीरें- सौ. पीटीआई
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