चेकबुक की विश्वसनीयता को बढ़ाने के लिए चेक बाउंस मामलों से प्रभावित छोटी और मझोली इकाइयों की मदद के लिए सरकार ने मौजूदा नेगोशिएबल इंस्टूमेंट एक्ट-1881 में संशोधन को मंजूरी दे दी गई है। अब अदालतें पीडि़त पक्ष को अंतरिम मुआवजा दिला सकेंगी।
रिर्पोट के अनुसार सरकार इस कानून में संशोधन के जरिए ऐसा प्रावधान करेगी कि ऐसे मामलों में सुनवाई के दौरान आदलते चाहें तो चेक लिखने वालों के खिलाफ पीडि़त पक्ष को अंतरिम मुआवजे का भुगतान करने के आदेश जारी कर सकें।
सरकार ने अपीलीय स्तर पर भी ऐसे प्रावधान का प्रस्ताव किया है कि अपीलीय अदालत चेक दिलाने वाले अपीलकर्ता की सुनवाई अदालत द्वारा तय मुआवजे का एक हिस्सा अपील दाखिल करने के समय ही जमा करने का आदेश कर सके।
संशोधन को संसद के मौजूदा शीतकालीन सत्र में ही पेश किया जा सकता है। विधि मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने मंत्रिमंडल की बैठक में किए गए फैसलों की जानकारी देते हुए कहा है कि नेगोशिएबल इंस्टूमेंट्स एक्ट 1881 में संशोधन की मंजूरी दे दी गई है। हालांकि उन्होंने ब्यौरा नहीं दिया है।
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