भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा बुधवार को होने वाली द्वैमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में प्रमुख ब्याज दरों में बदलाव नहीं करने की संभावना है। आरबीआई अक्टूबर में उच्च महंगाई दर और तेल की कीमतों में बढ़ोतरी, दूसरी तिमाही के दौरान जीडीपी की दर में गिरावट की वजह से ब्याज दरों में बदलाव नहीं कर सकता क्योंकि इस वजह से आरबीआई पर ब्याज दरों में कटौती का दबाव घटा है।

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आरबीआई ने अक्टूबर महीने में भी रेपो दर और रिवर्स रेपो दर में कोई बदलाव नहीं किया था। आरबीआई ने इससे पहले अगस्त में रेपो दर में 0.25 आधार अंकों की कटौती की थी।

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आरबीआई की अक्टूबर की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के मिनट्स के मुताबिक, गवर्नर उर्जित पटेल ने कहा, "हमें बाहरी और वित्तीय मोर्चो की अनिश्चितताओं को लेकर चौकस रहने की जरूरत है।"

जापान की वित्तीय सेवा कंपनी नोमुरा ने रिपोर्ट में कहा कि अब लागत दबाव थोड़ा बढ़ा है। उच्च खाद्य महंगाई दर खुदरा महंगाई दर को आरबीआई के नवंबर या उससे आगामी महीनों में चार फीसदी के लक्ष्य से ऊपर पहुंचा सकती है।

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रिपोर्ट के मुताबिक, "हमें आरबीआई द्वारा ब्याज दरों में बदलाव नहीं करने की उम्मीद है। ब्याज दरों में बदलाव नहीं होगा।"