अंतर्राष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी फिच ने सोमवार को देश की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान वित्त वर्ष 2017-18 के लिए घटाकर 6.7 फीसदी कर दिया है। फिच की दिसंबर वैश्विक आर्थिक अवलोकन (जीईओ) रपट के मुताबिक, वैश्विक रेटिंग एजेंसी ने मार्च 2018 में खत्म होनेवाले वित्त वर्ष के वृद्धि दर अनुमान को 6.9 फीसदी से घटाकर 6.7 फीसदी कर दिया है।
रेटिंग एजेंसी ने रपट में कहा है, "भारतीय अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2017 की तीसरी तिमाही में साल दर साल आधार पर तेजी के साथ 6.3 फीसदी की वृद्धि दर दर्ज की है, जोकि वित्त वर्ष 2017 की दूसरी तिमाही में 5.7 फीसदी थी। हालांकि, अर्थव्यवस्था में यह तेजी हमारी उम्मीदों से कम है, इसलिए हम सितंबर के जीईओ में मार्च 2018 में खत्म होनेवाले वित्त वर्ष के लिए अपना वृद्धि अनुमान 6.9 फीसदी से घटाकर 6.7 फीसदी करते हैं।"
रपट में कहा गया है, "वित्त वर्ष 2019 के अनुमान को भी 7.4 फीसदी से घटाकर 7.3 फीसदी कर दिया गया है। हाल की तिमाहियों में विकास दर निराशाजनक रही है, हालांकि इसमें साल 2016 में की गई नोटबंदी और साल 2017 के जुलाई में लागू वस्तु एवं सेवा कर का भी थोड़ा बहुत योगदान है।"
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