गांव-गांव तक इंटरनेट पहुंचाने के लिए सरकार ने आज भारत नेट फेज 2 लॉन्‍च कर दिया है। इस योजना के तहत 1.5 लाख ग्राम पंचायतों को ब्रॉडबैंड के साथ जोड़ा जाएगा। इसके अलावा ग्राहकों को सस्‍ता इंटरनेट देने के लिए सरकार टेलीकॉम कंपनियों को 75 प्रतिशत बैंडविड्थ देगी। इस प्रोजेक्‍ट की कुल लागत 34,000 करोड़ रुपए है।

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शहरों वाली सुविधाएं अब गांवो में

इस पर टेलीकॉम मंत्री मनोज सिंहा का कहना है कि 2019 के अंत तक भारत नेट फेज 2 का काम खत्‍म हो जाएगा। जिसके बाद ग्रामीण इलाकों में वो सारी सुविधाएं मिलेंगी जो शहरों में मिलती हैं। लॉचिंग के मौके पर टेलीकॉम मंत्री मनोज सिंहा के अलावा कानून व आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद, मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावेडकर और बिहार के उप मुख्‍यमंत्री सुशी कुमार मोदी मौजूद रहे।

जियो ने दिया सबसे ज्‍यादा 13 करोड़ स‍ब्‍सक्रिप्‍शन फीस

इस काम को अच्‍छा अंजाम देने के लिए रिलायंस जियो ने सबसे ज्‍यादा 13 करोड़ रुपए की एडवांस सब्‍सक्रिप्‍शन फीस का भुगतान किया है। इसके तहत जियो 30,000 ग्राम पंचायतों को ब्रॉडबैंड सर्विस उपलब्‍ध कराएगा। जियो हर पंचायत में सरकार से बैंडविथ खरीदेगी। तो वहीं एयरटेल ने बैंडविथ की खरीद के लिए 5 करोड़ रुपए, वोडाफोन ने 11 लाख रुपए और आइडिया ने 5 लाख रुपए का भुगतान किया। एयरटेल 30,500 ग्राम पंचायतों को ब्रॉडबैंड सर्विस उपलब्‍ध कराएगा।

इतने गांवों में शुरु हो चुकी है सर्विस

दूसरे फेज के तहत सरकार 1.5 लाख ग्राम पंचायतों में ऑप्टिकल फाइबर बिछाएगी। मनोज सिंहा के अनुसार भारतनेट प्रोजेक्‍ट के तहत बैंडविथ की कीमत 75 फीसदी घटा दी गई है। इससे टेलीकॉम कंपनियां सस्‍ते में सर्विस मुहैया करा सकेंगी। 48,000 से ज्‍यादा गांवों में ब्रॉडबैंड सर्विस शुरु हो चुकी है और 75,000 से ज्‍यादा गांवों में सर्विस शुरु होने की तैयारी में है।

इन राज्‍यों से एग्रीमेंट

फेज 2 के लिए 7 राज्‍यों महाराष्‍ट्र, गुजरात, छत्‍तीसगढ़, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडू और झारखंड के साथ एग्रीमेंट साइन करेगी। ये राज्‍य अपने खर्च पर प्रोजेक्‍ट शुरु करेंगे। इसमें केंद्र सरकार से इन्‍हें आंशिक मदद मिलेगी। यह उम्‍मीद है कि इस साल के अंत तक भारतनेट प्रोजेक्‍ट का फेज 1 पूरा हो जागएा।