कल यानी की शुक्रवार को असम गुवाहाटी में जीएसटी काउंसिल की मीटिंग खत्म होने के साथ-साथ 177 उत्पादों में GST रेट घटाकर सरकार ने देशवासियों को एक राहत की खबर दी है। इसके बाद से डेली यूज होने वाले 200 से ज्यादा आइटम सस्ते हो गए हैं। अब यह फैसला लिया गया है कि 28% स्लैब में कुल 50 ही प्रोडक्ट होंगे। पहले 28 प्रतिशत जीएसटी था जो कि घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। छोटे-छोटे सामानों से लेकर रेस्टोरेंट पर भी टैक्स स्लैब घटा दिया है। आपको बता दें की अब रेस्टोरेंट पर सिर्फ 5% टैक्स स्लैब लगेगा।
जीएसटी काउंसिल के ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स के अध्यक्ष सुशील कुमार मोदी ने बताया कि पहले 62 आइटमों को सबसे उंची टैक्स स्लैब में रखा जाना था, लेकिन मीटिंग में चर्चा के बाद कुछ और आइटम उस कैटेगरी से कम किए गए। अब सिर्फ 50 आइटमों पर ही 28% टैक्स लगेगा। जीएसटी के नए रेट 15 नवंबर से लागू होंगे।
जीएसटी काउंसिल की 23वीं मीटिंग के बाद जेटली ने कहा कि 13 आइटम्स 18 फीसदी से 12 प्रतिशत के स्लैब में आ गए हैं। इसके अलावा 6 आइटम्स 18 फीसदी से 5 फीसदी के स्लैब में आ गए हैं। वहीं 8 आइटम 12 प्रतिशत से 5 प्रतिशत के स्लैब में आ गए हैं। 6 आइटम्स के लिए टैक्स स्लैब 5 प्रतिशत से घटकर 0 कर दिया गया। जेटली ने कहा कि डिटर्जेंट, मार्बल फ्लोरिंग, टॉयलेटरीज सहित कई आइटम्स को 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत की लिस्ट में आ गए हैं।
रेस्टोरेंट्स ने अभी तक कस्टमर्स को इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ नहीं दिया है और इसलिए उनसे आईटीसी की सुविधा वापस ली जा रही है। अब एसी और नॉन एसी सभी रेस्टोरेंट के लिए जीएसटी रेट 5 प्रतिशत कर दिया गया है। माना जा रहा है कि इसके बाद से रेस्टोरेंट में खाना सस्ता हो जाएगा। अभी तक नॉन एसी रेस्टोरेंट में फूड बिल 12 प्रतिशत और एसी रेस्टोरेंट पर 18 फीसदी GST लागू होता था।
7,500 रुपए से ज्यादा डेली रेंट लेने वाले स्टार कैटेगरी के होटलों पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगेगा, लेकिन उन्हें आईटीसी की अनुमति मिलेगी। वहीं इससे लोअर कैटेगरी के होटलों पर 5 फीसदी टैक्स लगेगा, लेकिन उन्हें आईटीसी की सुविधा नहीं मिलेगी।
वेट ग्राइंडर्स और आर्मर्ड व्हीकल्स पर भी टैक्स 28 फीसदी से घटाकर 12 फीसदी कर दिया गया है। इसके अलावा च्युइंगम, चॉकलेट, कॉफी, कस्टर्ड पाउडर, मार्बल और ग्रेनाइट, डेंटल हाइजीन प्रोडक्ट्स, पॉलिश और क्रीम, सेनेटरी वेयर, लेदर क्लोदिंग, आर्टीफिशियल फर, विग्स, कुकर, स्टोव, शेविंग क्रीम, डिओड्रेंट, डिटर्जेंट और वाशिंग पाउडर, रेजर और ब्लेड, रिस्ट वॉचेस और मैट्रेस आदि उन उत्पादों की लिस्ट में शामिल हैं जिन पर टैक्स 28 से 18 प्रतिशत कर दिया गया है।
सबसे ऊंचे टैक्स स्लैब में पान मसाला, एअरेटेड वाटर एवं बेवरेजेस, सिगार व सिगरेट, तंबाकू प्रोडक्ट्स, सीमेंट, पेंट, परफ्यूम, एसी, डिश वॉशिंग मशीन, वॉशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर, वैक्यूम क्लीनर, कार और टू व्हीलर, एयरक्राफ्ट, यॉट जैसे लग्जरी चीजों पर अभी भी 28% ही जीएसटी रहेगा।
आपको बता दें की अभी भी उत्पादों की लिस्ट अपडेट हो रही हैं।
जीएसटी काउंसिल ने कंपोजीशन स्कीम के तहत कारोबार करने वाले लोगों को राहत दी है। अब 1 प्रतिशत का टैक्स केवल टैक्सेवल आइटम पर ही लगाया जाएगा, हालांकि कारोबार की गणना के लिए कुल कारोबार को शामिल किया जाएगा। इसके अलावा जीएसटीआर 4 भरने से भी राहत दी गई है। काउंसिल ने जीएसटीआर 2 की समीक्षा के लिए एक कमेटी का गठन किया है।
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