आधार अब काले धन को सफेद बनाने से रोकने में मददगार साबित हो सकता है। मनी लॉन्ड्रिंग को रोकने के लिए अब बाम्बे स्टॉक एक्सचेंज आधार का सहारा ले रहा है। मनी लॉन्ड्रिंग नियमों को लागू करने के लिए बंबई शेयर बाजार (बीएसई) ने अपने ब्रोकर्स से कहा है कि वह महीने के अंत तक यह बताएं कि उन्होंने अपने क्लाइंट्स के आधार नंबर की जानकारी जानने के लिए क्या तैयारियां की हैं। यह कदम सरकार के जून में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग नियमों में संशोधन करने के बाद उठाया गया है।

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एक सर्कुलर जारी कर बीएसई ने स्टॉक ब्रोकर्स से रिपोर्ट फाइल करने को कहा है। जिसमें स्टॉक ब्रोकर्स को अपनी तैयारियों, ऐक्टिव क्लाइंट्स की संख्या और आधार नंबर जमा करने वाले क्लाइंट्स की संख्या बतानी है। बीएसई ने कहा, सदस्य (ब्रोकर) वह इस बारे में नई जानकारी 31 अक्तूबर 2017 तक जमा करें। इसमें कहा गया है कि कंपनियों के मामले में प्रबंधक, अधिकारी या किसी कंपनी की ओर से लेन-देन के लिए नियुक्त कर्मचारी को अपनी आधार जानकारी जमा करनी होगी।

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ठीक इसी प्रकार भागीदारी फर्म, न्यास और अनिगमित संगठन या व्यक्तियों की इकाई द्वारा किए जाने वाले लेन-देन के अधिकार (अटॉर्नी टू ट्रांस्जैक्ट) रखने वाले को बाजार को अपनी आधार संख्या देनी होगी। बीएसई ने यह भी कहा कि कारोबार करने वाले सदस्यों को बाजार नियामक सेबी के पास यह रिपोर्ट भी जमा करानी होगी कि संशोधित नियमों के अनुपालन के लिए उनकी तैयारी कितनी है।